मथुरा। जिले के ग्रामीण विकास पर 120 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह बजट प्रदेश सरकार ने जनपद को आवंटित कर दिया है। इसके उपयोग का खाका अब ग्राम पंचायतों को तैयार करना है। इसके लिए 31 दिसंबर तक की समय अवधि तय की गई है। ग्राम पंचायतें ही तय करेंगी कि उन्हें क्या काम कराना है।
जिले की 516 ग्राम पंचायत व मजरों के विकास के लिए 120 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इसे लेकर एक अक्तूबर से 31 दिसंबर तक गांवों में विकाय योजना बनाने का शेड्यूल तय किया गया है। इसमें हर ग्राम पंचायत में दो-दो बैठक होंगी।
पहली बैठक में मिशन अंत्योदय के तहत गरीबों के उत्थान को लेकर विकास कार्यक्रम तय करने की प्रक्रिया बताई जाएगी। दूसरी बैठक में विकास कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। डीपीआरओ डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि पंचायतों में पेयजल, स्वच्छता, नाली खड़ंजा, स्कूलों का रिनोवेशन कार्य, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, अंत्येष्टि स्थल आदि बनाने को लेकर कार्य योजना बनाई जाएगी। इसे लेकर सभी ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव को अवगत कराया गया है।
प्रत्येक गांव में तैयार होगी सेनेटरी नैपकिन यूनिट
मथुरा। प्रत्येक गांव पंचायत में महिलाओं के लिए सेनेटरी नैपकिन बनाने के लिए यूनिट बनाई जाएंगी। इसके लिए हर पंचायत को 15 हजार से अधिक का बजट तय किया गया है। इससे महिलाओं को खासी राहत मिलेगी।