मथुरा। आगरा कैनाल के बीचोबीच से अशोका हाइट्स की तरफ सिंचाई विभाग का कितना हिस्सा है, इसका नापजोख सिंचाई विभाग सहित अन्य अधिकारियों ने शुक्रवार की। एक दिन पहले भी जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी में संयुक्त टीम ने इस इमारत की पैमाइश की थी।
आगरा कैनाल की जमीन पर सिंचाई विभाग द्वारा जो पैमाइश की गई थी, उसमें केवल अशोका हाइट्स ही नहीं बल्कि कई रसूखदारों की इमारतें आ रही थी। अशोका हाइट्स तोड़ने के लिए सिंचाई विभाग की टीम गठित कर दी गई थी तो फिर से पैमाइश किया जाना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। जानकारी रहे कि इस जमीन को लेकर सिंचाई विभाग और तहसील के रिकाॅर्ड में काफी अंतर है। पहला रिकाॅर्ड विभाग का माना गया जो कि काफी पुराना है, परंतु इस बार तहसील अधिकारियों के नेतृत्व में फिर से पैमाइश की जा रही है। पैमाइश के पहले दिन संयुक्त टीम के आला अधिकारियों ने अधिकतर हिस्से को नाप लिया था परंतु कुछ हिस्सा शेष रह गया था। इस शेष हिस्से की पैमाइश करने लिए सिंचाई विभाग के जेई नवनीत गर्ग, मनीषा चौधरी, जिलेदार ब्रजराज सिंह आदि मौजूद रहे।
फार्मूला रखा गोपनीय
किस फार्मूले के तहत पैमाइश की जा रही है, इसकी जानकारी सिर्फ पैमाइश करने वाले अधिकारियों तक सीमित है। उनके द्वारा ही खुद ही चिह्नांकन किया जा रहा है और इसके बाद सीमाओं की जानकारी होगी। शुक्रवार को टीम ने नहर के बीचोबीच से 65 फुट तक पैमाइश की और अशोका हाइट्स द्वारा बनाई गई चहारदीवारी पर चिह्न लगाए।
उठ रहे सवाल
बार-बार पैमाइश ओर उसे अमल में न लाने पर ही सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि रसूखदारोें के दबाव में अधिकारियों ने फिर से पैमाइश कराने का निर्णय लिया है।
हमने शुक्रवार को बचे हिस्से की पैमाइश को पूरा किया है। यह पैमाइश उच्चाधिकारियो के निर्देश पर की जा रही है। पूरी होने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप देंगे।
- बचन सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग