मथुरा। वेटरनेरी यूनिवर्सिटी के डिप्लोमा धारकों के लिए सेवा नियमावली तैयार करने को प्रदेश सरकार अभी भी तैयार नजर नहीं आ रही है। छात्रों की याचिका पर उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव पशुधन ने सेवा नियमावली तैयार करने के लिए अभी दो साल का और वक्त मांगा है।
प्रदेश सरकार के आग्रह पर मथुरा स्थित वेटरनेरी यूनिवर्सिटी ने डिप्लोमा इन फार्मेसी और डिप्लोमा इन एलईओ की शुरुआत की थी। करीब चार साल बीतने के बाद सरकार ने इन डिप्लोमा धारकों के लिए सेवा नियमावली तैयार नहीं की है। ऐसे में उक्त डिप्लोमा उपयोगी साबित नहीं हो रहा है। इसके लिए यूनिवर्सिटी के छात्र शुभम कुमार ने हाईकोर्ट इलाहाबाद की शरण ली थी। इस पर दो साल पहले प्रदेश सरकार ने सेवा नियमावली संबंधी कार्य जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया था।
सितंबर माह में कोर्ट ने एक बार फिर पशुपालन विभाग से शपथ पत्र मांगा। इस पर अब सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव पशुपालन ने अभी और वक्त देने का आग्रह किया है। इस पर कोर्ट ने अब शपथ पत्र के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं। याची के अधिवक्ता आलोक मिश्रा ने बताया कि सेवा नियमावली के संदर्भ में विभाग को स्पष्ट जवाब दाखिल करना है। इधर, याची शुभम कुमार का कहना है कि प्रदेश में 800 पद पशुपालन विभाग में रिक्त हैं, लेकिन सरकार प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार देने से बच रही है।