मथुरा। विकास खंड छाता के उच्च प्राथमिक विद्यालय उमराया में तैनात सेवक ने प्रधानाध्यापक से मिलीभगत कर उपस्थिति में ही फर्जीवाड़ा कर डाला। पंजिका में व्हाइटनर लगाकर अनुपस्थिति को उपस्थिति में बदलकर वेतन लेने के लिए आवेदन कर दिया।
खंड शिक्षाधिकारी की जांच में मामला सामने आने पर बीएसए सुनील दत्त ने फर्जीवाड़ा करने वाले सेवक और प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए दो खंड शिक्षाधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय उमराया में तैनात सेवक हरेंद्र सिंह ने प्रधानाध्यापक धर्म सिंह से मिलकर फर्जीवाड़ा कर डाला। पहले तो वह विद्यालय से लगातार गायब रहा, इसके बाद उपस्थिति पंजिका में व्हाइटनर लगाकर अपने हस्ताक्षर कर दिए। ये पूरा खेल प्रधानाध्यापक धर्म सिंह की मदद से किया गया था। खंड शिक्षाधिकारी छाता कैलाश शुक्ला की जांच रिपोर्ट के अनुसार 1 दिसंबर 2024 से पहले सेवक हरेंद्र सिंह का नाम मुख्य उपस्थिति पंजिका के बजाए दूसरी पंजिका में अंकित किया गया था।
इतना ही नहीं 23 जनवरी 2025 को जब वे विद्यालय में निरीक्षण करने पहुंचे तब उन्हें इसकी जानकारी हुई। प्रधानाध्यापक ने सेवक के बिना सूचना गायब होने की सूचना खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय को भी नहीं दी थी। बाद में जब सेवक ने वेतन के लिए मानव संपदा पोर्टल पर आवेदन किया तो उसकी अनुपस्थिति के स्थान पर पंजिका में हस्ताक्षर करा लिए गए।
इससे साफ हो गया कि ये पूरा फर्जीवाड़ा मिलीभगत से किया गया था। बीएसए सुनील दत्त ने जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापक धर्म सिंह और सेवक हरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। दोनों को निलंबन के बाद खंड शिक्षाधिकारी छाता कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
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ऐसे खुला मामला
23 जनवरी 2025 को खंड शिक्षाधिकारी छाता ने उच्च प्राथमिक विद्यालय उमराया का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में सेवक हरेंद्र सिंह 6 मई 2024 से अनुपस्थित चल रहे थे। दरअसल इससे पहले सेवक बीएसए कार्यालय में संबद्ध था, जिसे 6 मई को मूल विद्यालय के कार्यमुक्त कर दिया गया था। विद्यालय की उपस्थिति पंजिका में उन्हें प्रधानाध्यापक धर्म सिंह ने अनुपस्थित दर्शाया था। बाद में जब हरेंद्र सिंह ने 8 मई 2024 से 31 अगस्त 2024 तक एरियर के लिए मानव संपदा पोर्टल पर आवेदन किया तो खंड शिखाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका की प्रमाणित प्रति मांगी। इसके बाद उपलब्ध कराई गई उपस्थिति पंजिका में व्हाइटनर लगाकर हस्ताक्षर कर दिए गए। इसके बाद ही ये पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
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दो अधिकारियों की टीम करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए ने जांच के लिए दो खंड शिक्षाधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई है। इसमें खंड शिक्षाधिकारी राया दिनेश त्रिपाठी और खंड शिक्षाधिकारी बल्देव कौशल कुमार को शामिल किया गया है। उन्हें एक माह में जांच कर रिपोर्ट देनी होगी।
वर्जन
उच्च प्राथमिक विद्यालय में सेवक हरेंद्र सिंह की उपस्थिति का फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रधानाध्यापक और सेवक दोनों को निलंबित कर दिया गया है। जांच के लिए दो खंड शिक्षाधिकारियों की टीम बनाई गई है।
-सुनील दत्त, बीएसए