विधानसभा चुनाव में 15000 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जानी है। इसके लिए सभी विभागों से कर्मचारियों का डाटा इकट्ठा कर लिया गया है। इसके साथ ही कर्मचारी भी ड्यूटी से बचने के लिए प्रयास में जुट गए हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रार्थनापत्र लेकर अफसरों के पास पहुंच रहे हैं। कोई शुगर बढ़ने का हवाला दे रहा है तो ब्लडप्रेशर का।
इन दिनों चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियों का गठन और मतगणना तक का चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। हर विभाग से प्राप्त कर्मचारियों की सूची के अनुसार इनकी नियुक्ति की जा रही है। ऐसे में अधिकारियों के पास कर्मचारियों की लाइन लगी हुई है।
वह अपनी बीमारियों का हवाला देकर ड्यूट न लगाए जाने की गुहार लगा रहे हैं। अधिकारी भी इन प्रार्थना पत्रों से परेशान हैं। ड्यूटी से बचने के लिए सियासी लोगों से भी सिफारिश कराई जा रही है। विधायकों की भी चिट्ठियां पहुंच रही हैं।
मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि जो भी गंभीर बीमारी बता रहे हैं उनकी जांच कराई जाएगी। अब यदि सब ड्यूटी कटवाने लगे तो भला ड्यूटी करेगा कौन। लिहाजा किसी की ड्यूटी नहीं काटी जाएगी।