मथुरा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटर की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इसके लिए जनपद में 112 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया गया है, जहां व्यवस्थाओं का अभी अभाव है। कहीं सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं तो कहीं फर्नीचर अधूरा है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था को लेकर योगी सरकार के तेवर एक बार फिर कड़े नजर आ रहे हैं। हर संभव तरीके से नकल को रोकने के दिशा निर्देश भी जारी किए हैं, लेकिन अब तक संसाधनों का अभाव जनपद के परीक्षा केंद्रों पर बना हुआ है। सौंख स्थित किसान इंटर कालेज के भवन को देखते हुए इसे करीब 800 छात्रों का केंद्र बना दिया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुने हैं। प्रधानाचार्य रेखा शर्मा बताती हैं कि केंद्र पर परीक्षार्थी बढ़ा दिए हैं, लेकिन संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। सीसीटीवी कैमरे भी पूरे नहीं है। फर्नीचर भी सभी कक्षों में नहीं है।
राया स्थित राष्ट्रीय इंटर कालेज की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। प्रबंधक अरविंद शर्मा बताते हैं कि यहां ऊपरी मंजिल में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं है, इन्हें लगाने के लिए बजट भी नहीं है। नौहझील स्थित नेहरू स्मारक इंटर कालेज चांदपुरकलां में क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थियों का निर्धारण कर दिया गया है। प्रधानाचार्य लोकेश पालीवाल कहना है कि 400-500 छात्रों के लिए व्यवस्था थी, लेकिन 700 से ज्यादा का केंद्र बना दिया है। व्यवस्थाएं अधूरी हैं। आदर्श इंटर कालेज मिट्ठोली का भी यही हाल है। यहां व्यवस्थाओं के मुकाबले परीक्षार्थी ज्यादा निर्धारित कर दिए गए हैं। जनता इंटर कालेज में सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। प्रधानाचार्य वंदना तिवारी कहती हैं कि जल्द ही इन्हें सही कर लिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना
सभी प्रधानाचार्यों को सीसीटीवी कैमरों सहित अन्य सभी आवश्यक सामानों के प्रबंध करने के लिए पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। कुछ केंद्रों पर आधी अधूरी व्यवस्थाओं की जानकारी मिली है। उसे पूरा करने के लिए कहा गया है।
- केपी सिंह, डीआईओएस