अधिकतर निजी बीटीसी कालेजों में अनुमोदित शिक्षकों के न पढ़ाने की जानकारी सामने आ रही है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी डायट प्राचार्य को पत्र लिखकर कालेजों के निरीक्षण और शिकायत सही पाए जाने पर मान्यता खत्म करने की संस्तुति करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षकों को तैयार करने की नर्सरी माने जाने वाले निजी बीटीसी संस्थान प्रशिक्षुओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे कई निजी कालेजों की जानकारी सामने आई हैं जहां कालेज संचालकों द्वारा अनुमोदित शिक्षकों से शिक्षण कार्य नहीं कराया जा रहा है। अनट्रेंड शिक्षक ही भावी शिक्षकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। हालांकि कालेज के रिकार्ड में अनुमोदित शिक्षकों का ही नाम है।
ऐसी शिकायत मिलने पर सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव ने सभी डायट प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वह अपने क्षेत्र के निजी बीटीसी कालेजों का समय-समय पर निरीक्षण करें। औचक निरीक्षण कर शिक्षकों का रिकार्ड चेक किया जाए। अन्य स्टाफ की भी जानकारी ली जाए। यदि किसी भी कालेज में अनियमितताएं पाई जाएं तो उसकी मान्यता समाप्त करने की संस्तुति करने के भी निर्देश हैैं।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के आदेश के अनुपालन में निजी बीटीसी कालेजों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा। यदि कुछ भी अनियमित पाया जाता है तो उस कालेज के विरुद्ध मान्यता समाप्ति की संस्तुति करते हुए उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. मुकेश अग्रवाल
प्राचार्य, डायट