छाता। कस्बे की बोहरे जी वाटिका में शुक्रवार को बंद पड़ी छाता शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर हुई महापंचायत में आक्रोशित लोगों ने एलान किया कि जब तक मिल की चिमनी से धुआं निकलना शुरू नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। महापंचायत में किसानों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह ने की। इस मौके पर समस्त सरदारी की ओर से उनका साफा बांधकर स्वागत किया गया।
पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह ने दीपक शर्मा के साथ हुई अप्रिय घटना पर गहरा दुख जताया गया। उन्होंने इस घटना की गंभीरता से उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पूर्व सांसद ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तरौली में शुगर मिल को चालू कराने का वादा किया था। इसके बाद छाता के विधायक लक्ष्मी नारायण को गन्ना एवं चीनी मिल विकास मंत्री बनाया गया। मिल के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये स्वीकृत कर भूमि पूजन भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद मिल अभी तक चालू नहीं हो सकी है। उन्होंने छाता शुगर मिल के स्थान पर एथेनॉल प्लांट लगाने का भी विरोध किया।
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष लोकमणिकांत जादौन ने मांग उठाई कि मिल के भीतर वर्तमान में मशीनरी मौजूद है या नहीं, इसकी तथ्यात्मक जांच कराई जाए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर ने आह्वान किया कि भूतपूर्व सैनिकों और किसानों द्वारा चलाए जा रहे इस आंदोलन को पूरी मजबूती और गांधीवादी तरीके से आगे बढ़ाया जाए। अंत में पूर्व सांसद ने उप जिलाधिकारी अखिलेश कुमार को दो सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। महापंचायत का संचालन डिगंबर चौधरी ने किया। इस अवसर पर कुंवर नरेंद्र सिंह, अमर सिंह, कैलाश प्रधान, राष्ट्रीय लोक दल के महासचिव ठाकुर बीरी सिंह, नरेंद्र गुर्जर, जुगल प्रधान, भाकियू के जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, पूर्व चेयरमैन ठाकुर राजपाल सिंह, जगदीश सोपानिया, उमेश पंडित, बाबा गोपाल दास, सुनील महाराज, और छीतर सिंह एडवोकेट, जितेंद्र उर्फ जीतू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद थे। महापंचायत का संचालन दिगंबर चौधरी ने किया।
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पांच थानों की पुलिस और पीएसी बल रहा तैनात
छाता। बंद पड़ी शुगर मिल को चालू कराने की मांग को लेकर आयोजित महापंचायत के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कार्यक्रम स्थल पर पांच थानों का फोर्स और पीएसी की एक कंपनी तैनात की गई थी। कोतवाली प्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि महापंचायत के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इसके तहत छाता कोतवाली के साथ-साथ कोसीकलां, मगोर्रा और शेरगढ़ थानों का पुलिस बल तथा पीएसी के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहे। संवाद