पुलिस ने सियाराम से पूछताछ के बाद मृतकों के परिवार वालों को बुलवाया। मनीष के पिता लक्ष्मण ने बेटे के शव का पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह तैयार नहीं हुए। अर्जुन का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। एसपी देहात त्रिगुण बिषेन ने बताया कि दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई थी। एक को मौके पर मौजूद लोगों ने बचा लिया।
मनीष घर में था इकलौता, एक साथ पढ़ते थे तीनों दोस्त
बरसाना के सूर्यकुंड में डूबने से दो किशोरों की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोग भी भावुक हो उठे। जबकि इस हादसे में जिंदा बचा सियाराम अपने दो दोस्तों को आंखों के सामने डूबने की घटना को याद कर सहम उठता है। सदमे में आने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई है।
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अर्जुन कक्षा नौ का छात्र था। उसी के साथ मनीष और सियाराम ढ़ते थे। तीनों में गहरी दोस्ती थी। सोमवार शाम तीनों ने अचानक सूर्यकुंड में नहाने की योजना बनाई। करीब तीन बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गए। परिवार वालों को पुलिस के जरिए शाम छह बजे हादसे की जानकारी मिली। मनीष के पिता लक्ष्मण सिंह जमींदार हैं। मनीष इकलौता बेटा था।
गांव में नहीं जले चूल्हे
हादसे के बाद लक्ष्मण और उनकी पत्नी बदहवास हालत में हैं। वहीं, अर्जुन छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। पिता मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। हादसे की सूचना पाते ही पेलखू गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक साथ दो घरों में मौत से हर किसी के चेहर पर शोक छा गया था। सोमवार शाम के बाद शनिवार सुबह लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
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