वृंदावन शोध संस्थान में तुलसी के पौधे रोपित करते हुए।
वृंदावन। श्रीहित हरिवंश महाप्रभु के 552वें प्राकट्य महोत्सव के उपलक्ष्य में बुधवार को वृंदावन शोध संस्थान में विशेष रूप से तुलसी क्यारी का रोपण किया गया। इस दौरान राधावल्लभ संप्रदायाचार्य श्रीहित सुकृतलाल गोस्वामी ने बताया कि वृंदावन की आत्मा तुलसी हैं और इस अवसर पर 5,552 तुलसी के पौधे रोपित करने का संकल्प लिया गया है।
मदनटेर, श्रीमदनमोहन, राधादामोदर, रंगजी मंदिर और मलूकपीठ सहित कई पावन स्थलों पर भी तुलसी की क्यारियां तैयार की जा रही हैं। वृंदावन शोध संस्थान में आयोजित इस कार्यक्रम में तुलसी क्यारी इस प्रकार रोपित की गई है कि उसकी प्रदक्षिणा भी की जा सके।
संस्थान के अध्यक्ष आरडी पालीवाल और स्वामी महेशानंद सरस्वती ने तुलसी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. राजेश शर्मा ने किया।आचार्य विभुकृष्ण भट्ट, डॉ. राजीव द्विवेदी, प्रवीण गुप्ता, पं. उदयन शर्मा, डॉ. मीना गौतम, अनुमिका बनर्जी, राजेंद्र कुमार पाठक, रजत शुक्ला आदि मौजूद रहे।