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युवाओं को भी गिरफ्त में ले रही टीबी

Thu, 23 Mar 2017 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मथुरा
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चिकित्सक
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सरकार क्षय रोग (टीबी) को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, इस पर मोटा बजट भी खर्च किया जा रहा है, फिर भी जिले में नए टीबी रोगियों की संख्या साल दर साल बढ़ती ही जा रही है। चिंताजनक स्थिति यह भी है कि इनमें 20 प्रतिशत रोगी युवा हैं।
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जिला क्षय रोग केंद्र से प्राप्त आंकड़ा ही भयावह है, वास्तविकता तो इससे भी कड़वी है। सरकारी व्यवस्था में जितने रोगी पंजीकरण कराते हैं उससे तीन गुना रोगी अपना उपचार निजी चिकित्सकों के यहां करा रहे हैं। जिसका आंकड़ा भी अफसरों के पास नहीं है।

खुद स्वास्थ्य विभाग के लोग ही इसे स्वीकार करते हैं कि वो टीबी के मात्र 65 फीसदी रोगियों तक ही पहुंच पाते हैं। जिला पीपीएम कोआर्डिनेटर आलोक तिवारी ने बताया कि मथुरा में 132 रोगी मल्टी ड्रग रजिस्टेंट (एमडीआर) और 14 एसडीआर (टीबी के गंभीर रोगी) भी हैं।
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रोगियों के बढ़ते आंकड़ों के पीछे राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत रोगियों तक पहुंचने, उनकी जांच कराने का कार्य अभियान चलाकर किया जाना भी है। टीबी का इलाज सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह निशुल्क है। इस रोग का पूरी तरह इलाज है।
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- डा. रविंद्र गुप्ता, जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी मथुरा


वर्ष           रोगियों की संख्या             नए रोगी
2013           3104                      1486
2014           3290                      1761
2015           3595                      1879
2016           3652                      1978

(सभी आंकड़े जिला क्षय रोग केंद्र से)
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