वृंदावन। ठाकुर स्नेह बिहारी मंदिर में रविवार रात गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी बही। जहां बांसुरी वादक अजय प्रसन्ना ने बांसुरी की तान छेड़ी तो वहीं नृत्यागंना पूर्णिमा अशोक ने मधुराष्टकम् पर नृत्य कर सभी का दिल जीत लिया।
संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास के आविर्भाव के अवसर पर ठाकुर स्नेह बिहारी मंदिर में अखिल भारतीय स्वामी हरिदास संगीत सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का शुभारंभ महंत किशोर दास महाराज ने स्वामीजी के चित्रपट के समक्ष दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि स्वामी हरिदास संगीत के सर्वमान्य गुरु थे। सम्मेलन के शुरूआत में नृत्यांगना पूर्णिमा अशोक ने गणेश स्तोत्र के माध्यम से गणेश वंदना की। इसके बाद बांसुरी वादक अजय प्रसन्ना ने बांसुरी की ऐसी तान छेड़ी की कि सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। फिर से नृत्यांगना पूर्णिमा अशोक द्वारा मधुराष्टकम्, राधा कृपा कटाक्ष, संख्या झूला एवं कन्नड़ निगमन की प्रस्तुति भरतनाट्यम प्रस्तुत कर दी। ध्रुपद कलाकार बृजभूषण ने स्वामी हरिदास को ध्रुपद गायन कर भावांजलि अर्पित की।
संस्था के अध्यक्ष आचार्य करण कृष्ण गोस्वामी एवं कार्यक्रम संयोजक बिहारी लाल वशिष्ठ ने कहा कि इस संगीत समारोह शुरूआत आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी ने की, तभी से यह संगीत समारोह निरंतर 30 वर्षों से चला आ रहा है। विधायक पूरन प्रकाश, आचार्य रामविलास चतुर्वेदी, आचार्य बद्रीश, जुगलकिशोर कटारे, जगदीश गुरुजी, कृष्णमुरारी शर्मा, हरेकृष्ण सारस्वत आदि मौजूद रहे।