मथुरा। आगरा के एडी पेंशन महिमा चंद्र ने मथुरा कोषागार में हुए 1.62 करोड़ रुपये घोटाले की विस्तृत जांच पूरी कर ली है और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। शासनादेश के बाद घोटाले की रकम की रिकवरी होगी। इधर, गबन करने के बाद लापता सहायक लेखाकार अभिषेक श्रीवास्तव अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आया है।
अपर निदेशक (एडी) पेंशन, आगरा ने दो बार कोषागार में घोटाले से जुड़े अभिलेख खंगाले, कंप्यूटर डाटा के साथ 450 पन्नों के बैंक स्टेटमेंट को जांचा तो एक के बाद एक परतें खुलने लगीं। पता चला कि सहायक लेखाकार वर्ष 2020 में कोरोना काल में मृत छह पेंशनरों के फर्जी जीवित प्रमाण पत्र बनवाकर अपने बैंक खाते में पेंशन की रकम ट्रांसफर कर रहा था। महालेखाकार (एजी) पेंशन प्रयागराज की टीम ने 17 जनवरी, 2026 को जांच में इस खेल को पकड़ लिया था। घोटाले की जांच एडी पेंशन आगरा को दी गई थी। प्रकरण की जांच पूरी करने के बाद उन्होंने जांच रिपोर्ट बीते दिनों शासन को भेज दी है।
शासनादेश के बाद सहायक लेखाकार से रिकवरी की प्रक्रिया शुरू होगी। इधर, 24 जनवरी से गैरहाजिर सहायक लेखाकार की तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया कि पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुटी है। जल्दी ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं होगी तो उस पर इनाम घोषित करने और कुर्की की प्राथमिक कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।