श्री बांकेबिहारी मंदिर की हाईपावर्ड कमेटी ने अपनी पहली बैठक में मंदिर के खजाने (तोषखाना) को खोलने के आदेश दिए थे। चूंकि तोषखाना में कोर्ट की सील लगी हुई थी तो प्रशासन ने सिविल जज जूनियर डिवीजन को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने 18 अक्तूबर को खजाना खोलने की तिथि नियत की थी। दोपहर एक बजे हाईपावर्ड कमेटी और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मंदिर पहुंची।
कमेटी के सदस्य सेवायत दिनेश गोस्वामी ने तोषखाने के द्वार पर दीप जलाकर पूजा की। जंग लगे ताले को कटर से काटा गया। बरसों से बंद पड़े खजाने में गैस निकली। इसके बाद मलबा नजर आया। मलबे की सफाई करने के बाद टीम ने अंदर पहुंचकर तोषखाने को चेक किया। इसी दरम्यान दो सांप निकलने के कारण टीम पीछे हट गई। वन विभाग की टीम ने सांपों को पकड़ा।
इसके बाद तलाशी कराई गई। खजाने में अभी तक पीतल के बर्तन, संदूक, लकड़ी का चौखटनुमा मंदिर और आभूषणों के खाली बॉक्स ही निकले हैं। एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने बताया कि खजाने में कोई कीमती वस्तु नहीं मिली है। दोबारा जरूरत हुई तो कोर्ट के आदेश पर इसे फिर से खोला जाएगा।