टोल टैक्स हटाने और ट्रक ट्रांसपोर्ट कारोबार को टीडीएस के दायरे से बाहर करने की मांग को लेकर चल रही ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का दायरा बढ़ता जा रहा है। जनपद के 400 में से 200 से अधिक ट्रांसपोर्टर हड़ताल कर चक्का जाम में शामिल हो गए और ट्रकों को खड़ा कर ऑफिसों के ताले नहीं खोले।
केन्द्र सरकार द्वारा देश के ज्यादातर हाईवे और राज्य मार्ग व जिला मार्ग पर टोल टैक्स लगा दिया और मनमानी वसूली की जा रही है। ट्रक ट्रांसपोर्ट कारोबार पर टीडीएस लगा दिया है। पेट्रोल व डीजल पर सड़क निर्माण के लिए दो रूपये प्रति लीटर की दर से वसूला जाने वाला सेस कर बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इससे ट्रांसपोर्ट कारोबारी एक अक्तूबर से चक्का जाम किए हैं। मथुरा में वर्तमान में जनपद में 300 से अधिक ट्रांसपोर्टर हैं।
वहीं 100 से अधिक ट्रांसपोर्टर अकेले रिफाइनरी क्षेत्र में हैं। ट्राक ट्रांसपोर्ट एसोशिएसन के बैनर तले मथुरा में चल रहे चक्का जाम में अब तक 200 से अधिक ट्रांसपोर्टर इसमें शामिल हो चुके हैं। एसोशिएसन अध्यक्ष चौधरी धर्मवीर सिंह, बबलू गर्ग, गोपाल सक्सेना, जरीम कुरैशी, उमेश शर्मा, सौनू चौधरी, सलीम खान आदि ने बताया कि शुक्रवार को रिफाइनरी, मसानी व हाइवे तथा मंडी समिति में ट्रांसपोर्टरों संग बैठक कर चक्का जाम में सहयोग मांगा।
इस पर 200 से अधिक ट्रांसपोर्टर साथ आए हैं और उन्होंने गाडिय़ां खड़ी कर चक्का जाम में सहयोग किया है। साथ ही एसोशिएसन के पदाधिकारियों ने हाइवे पर रैली निकालकर ट्रक आपरेटर यूनियन को एकजुट करने का प्रयास किया।