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Mathura News: 72 दिन ट्रेनें बंद, डूब जाएगा मथुरा का पर्यटन उद्योग

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मथुरा। 27 नवंबर से 72 दिन के लिए मथुरा जंक्शन पर ट्रेनों का आवागमन आंशिक रूप से बंद होने जा रहा है। चंद ट्रेनों को छोड़कर करीब 297 का संचालन इस दौरान बंद रहेगा। इससे करीब ढाई माह तक मथुरा के पर्यटन उद्योग पर मायूसी रहेगी। खासकर नए साल पर पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लगेगा। इससे करीब 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित होने की संभावना है।
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मथुरा जंक्शन पर यार्ड री-मॉडलिंग का कार्य 27 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। यह कार्य 6 फरवरी 2024 तक चलेगा। इस दौरान मथुरा से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन व्यापक स्तर पर प्रभावित होने जा रहा है। खासकर दक्षिण भारत की ट्रेन मथुरा के बजाए अन्य रास्तों से निकाली जाएंगी। रेलवे प्रबंधन के अनुसार यहां से 297 ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। इसमें 234 ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद्द किया गया है, जबकि 59 ट्रेनों का मार्ग और चार ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से निरस्त किया गया है।

यह स्थिति मथुरा के पर्यटन उद्योग के लिए बड़ा झटका है। देश भर से लाखों पर्यटक यहां ब्रज दर्शन के लिए आते हैं। रेलवे के रिकाॅर्ड को देखें तो सिर्फ यहां आने वालों की संख्या प्रतिदिन 20 से 25 हजार होती है। त्योहारी सीजन में यह संख्या एक से डेढ़ लाख हो जाती है। नए साल पर 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक का आंकड़ा देखें तो करीब 50 लाख लोग की मौजूदगी ब्रज में नजर आती है। इसमें ट्रेन से आने वालों की संख्या बहुतायत में रहती है।
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पर्यटकों का यही आंकड़ा मथुरा के कारोबार को पंख लगा रहा है। पिछले कुछ सालों के दौरान पर्यटन उद्योग यहां आसमान में पहुंचा है, लेकिन अब जंक्शन के री-मॉडलिंग से इसी पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लगने जा रहा है। 72 दिनों तक यहां रेल यातायात प्रभावित रहने से लोगों का आगमन नहीं होगा। इससे होटल-रेस्टोरेंट, पोशाक, प्रसाद आदि कारोबारी शामिल हैं। माना जा रहा है कि सबसे अधिक प्रभाव यहां होटल-रेस्टोरेंट उद्योग पड़ेगा।



सरकार करे वैकल्पिक व्यवस्था
उद्यमियों ने मांग रखी है कि सरकार ट्रेनों की आंशिक बंदी से होने वाली परेशानी को वैकल्पिक व्यवस्था कर कम कर सकती है। आगरा, टूंडला स्टेशन से सीधे मथुरा के लिए बसें संचालित की जाएं। इसके अलावा सरकार को ज्यादा से ज्यादा इसका प्रचार-प्रसार करना चाहिए कि ट्रेनों के अलावा मथुरा पहुंचने के लिए और क्या-क्या विकल्प हैं या फिर इस समस्या को कम करने के लिए नये क्या विकल्प किए गए हैं।


दिसंबर के अंत में छुट्टी शुरू हो जाती हैं, जनवरी के मध्य तक यहां पर्यटक आता रहता है। इस दौरान पोशाक का कारोबार अच्छा रहता है, लेकिन इस बार ट्रेनों का संचालन बंद होने से यह कारोबार भी प्रभावित होगा। जब पर्यटक ही नहीं आएगा तो कारोबार तो प्रभावित होगा ही।
-सुरेश कुमार शर्मा, पोशाक कारोबारी


अब लोगों का मथुरा आगमन निरंतर बना रहता है। दिसंबर-जनवरी के माह में बड़ी संख्या में लोग ट्रेनों से यहां आते हैं। इसमें जम्मू-कश्मीर, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, उड़ीसा, बंगाल, छत्तीसगढ़ आदि राज्य शामिल हैं। इन राज्यों से ट्रेनों का आगमन बंद होने से करीब 30 प्रतिशत तक होटल उद्योग प्रभावित होगा।
- महेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन, मथुरा


करीब पांच हजार करोड़ रुपये का कारोबार ट्रेनों की आंशिक बंदी के कारण 72 दिन में प्रभावित होगा। यह मथुरा के पर्यटन उद्योग के लिए बेहद चिंता की बात है। इसी बंदी के दौरान नव वर्ष व सर्दियों की छुट्टियों का सीजन होगा, जिसमें भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था करे। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों से वार्ता की जाएगी।
- अमित जैन, मथुरा प्रभारी, एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया



विकास कार्य जरूरी हैं, मगर जनता की सुविधा और अर्थव्यवस्था को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। स्थानीय प्रशासन व राज्य सरकार पर्यटकों के आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करें, जिससे की 72 दिनों तक मथुरा के पर्यटन उद्योग को विकास कार्य के कारण समस्या से न जूझना पड़े।
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- राजीव ब्रजवासी, नेशनल चैंबर एंड कॉमर्स
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