महिला उत्पीड़न के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस का टालमटोल रवैया अब नहीं चलेगा। रेप या फिर एसिड अटैक की घटना होने पर तीन घंटे में रिपोर्ट शासन को पहुंचानी होगी। इस व्यवस्था में शासन ने पीड़ित महिला के लिए आर्थिक मदद का भी प्रावधान किया है। प्रमुख सचिव महिला कल्याण ने ऐसे मामलों में प्रत्येक कार्रवाई के लिए समय सीमा भी निर्धारित कर दी है।
महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। अक्सर इन संवेदनशील मामलों यह देखा जाता है कि पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में भी आनाकानी करती है लेकिन, अब ऐसा नहीं हो सकेगा। प्रमुख सचिव महिला कल्याण ने इन घटनाओं पर कार्रवाई के लिए नई व्यवस्था प्रभावी की है।
इसके तहत अब रिपोर्ट आनलाइन दर्ज कराई जा सकेगी। इसके साथ ही रेप और एसिड अटैक की घटना होने पर एसएसपी के प्रतिनिधि के तौर पर एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी को एक घंटे में घटनास्थल पर पहुंचना होगा। उनकी रिपोर्ट पर अगले एक घंटे में मुख्य चिकित्साधिकारी को पीड़ित महिला का मेडिकल कराना होगा। इसकी रिपोर्ट डीएम के माध्यम से प्रमुख सचिव को भेजी जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया के लिए तीन से चार घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इसी के साथ-साथ पुलिस को अपराधियों को पकड़ने का काम भी जारी रखना होगा। उपरोक्त रिपोर्ट के आधार पर ही महिला कल्याण विभाग से पीड़ित महिला को आर्थिक मदद दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसमें एक से 10 लाख रुपये तक का प्रावधान किया है। प्रोवेशन अधिकारी को इसमें नोडल अधिकारी बनाया है।
इसके लिए जनपद में जल्द ही सभी थानाध्यक्षों की वर्कशाप आयोजित होने जा रही है। इसके अलावा इस माह के अंत में मंडल स्तर पर आगरा में वर्कशाप आयोजित होगी, जिसमें प्रमुख सचिव महिला कल्याण के भाग लेने की संभावना है।