महाशिवरात्रि के लिए गुरुवार से ही शिवालय हर-हर, बम-बम और बम-बम भोले की जयजयकार से गूंज उठे। गंगा से गंगाजल लेकर आए कांवड़ियों ने रात में ही शिवालयों पर डेरा डाल लिया। भोर होते ही शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाने का दौर शुरू हो गया है। पूरे शहर में हर-हर, बम-बम की धूम है।
महाशिवरात्रि पर हजारों युवक राम घाट, राज घाट, सोरों और कछला घाट से कांवड़ लेकर भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली में बने शिव मंदिरों पर पहुंच रहे हैं। कावड़ियों के पहुंचने का दौर गुरुवार शाम से ही शुरू हो गया था।
शहर के रंगेश्वर महादेव, गोपेश्वर महादेव, भूतेश्वर महादेव, पिपलेश्वर महादेव, गोकर्णनाथ महादेव, गर्तेश्वर महादेव, नीलकंठ महादेव, चिंताहरण महादेव, कोकिलेश्वर महादेव सहित अन्य शिव मंदिरों में रात भर कांवड़ियों की भीड़ जुटी रही।
इस दौरान कांवड़ियों के सहयोगी और परिवारीजन भी मौजूद रहे। बस भोले की जयजयकार होती रही। जैसे ही भोर हुआ कांवड़ियों ने गंगाजल चढ़ाना शुरू कर दिया। महिला-पुरुषों ने पूजा अर्चना की। यह दौर शहर से लेकर गांव तक जारी रहा।
इसमें बड़ी संख्या में राजस्थान के युवक भी नजर आए जो गंगा के घाटों से कांवड़ लेकर ब्रजभूमि आते हैं। आज मथुरा शहर में शिव बरात और शोभायात्रा निकाली जाएगी। व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
महाशिवरात्रि पर्व के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। आज 24 फरवरी को नगर के विभिन्न मंदिरों में यह पर्व मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर हजारों शिव भक्त और कांवड़िए गंगाजल लेकर वृंदावन पहुंच गए।
गोपेश्वर महादेव, बनखंडेश्वर, बिहारेश्वर, बजाजेश्वर, गोविंददेवेश्वर, रेतेश्वर, टालेश्वर आदि शिव मंदिरों को रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से सजाया जा रहा है। आज गोविंद घेरा स्थित टालेश्वर मंदिर में सुबह से जलाभिषेक किया जाएगा। शाम को फूल बंगला सजेगा और रात में आठ बजे से महाआरती होगी।
बता दें कि श्रीधाम वृंदावन में भगवान शिव की आराधना का इतिहास काफी प्राचीन है। पंडित श्याम चतुर्वेदी के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के दिव्य दर्शनों के लिए भोलेनाथ को भी गोपीवेश धारण करना पड़ा। तभी से यहां गोपश्वर महादेव की आराधना जारी है। यहां सुदूर क्षेत्रों से भक्त कांवड़ चढ़ाने आते हैं।
एक दिन पहले ही धर्मनगरी में कांवड़िए कांवड़ लेकर वृंदावन आ गए। हजारों कांवड़ियों ने श्रद्धा के साथ यमुना में डुबकी लगाई। यमुना के चीर घाट, गोविंद घाट, शृंगारवट आदि घाटों पर स्नान करने वालों की भारी भीड़ देखी गई।
महाशिवरात्रि पर बलदेव के शिव मंदिरों में 24 फरवरी को (आज) भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। नगर और देहात में दो दिन महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। कांवड़ियों का आना शुरू हो गया है।
गोवर्धन में भोले शंकर मित्र मंडली दसविसा की ओर से तीन दिवसीय महाशिव रात्रि महोत्सव गुरुवार को शिवजी के विशेष अभिषेक के साथ प्रारंभ हो गया।
होली वाली गली में महादेव मंदिर पर सुबह पांच बजे शिवजी का दुग्धाभिषेक किया गया। शाम को कांवड़ियों के विश्राम और भोजन की व्यवस्था की गई। ओम शंकर केशोरैया ने बताया कि आज भगवान शिव की हातेश्वर महादेव से शाम छह बजे बरात निकाली जाएगी। रात्रि में जागरण होगा।
25 फरवरी को बधाई महोत्सव होगा। सोनू गोयल, राकेश गोयल, भोले राठौर, सुरेश पुरोहित, प्रमोद शर्मा, नथिया आदि उपस्थित थे। कस्बा में 24 फरवरी को शिवरात्रि मनाई जाएगी।
श्रीधाम राधाकुंड में कुंडेश्वर महादेव, मेहवेश्वर वनखंडी, रामेश्वर, नीलकंठ मंदिरों को सजाया गया है।
शाम को भक्तजन शिव की बरात में शामिल होंगे। महादेवजी दूल्हा बन कर पर्वतराज की पुत्री को ब्याहने जाएंगे। नगर में कई स्थानों से बरात निकलेंगी। कुंडेश्वर महादेव मंदिर पर सुबह से ही पूजा अर्चना करने वालों की भीड़ रहेगी। शाम को मंदिरों में फूल बंगले सजेंगे। वनिक सेवा संस्थान की ओर से शिव बरात निकाली जाएगी।
चकलेश्वर महादेव मंदिर पर गंगाजल चढ़ाने के लिए गुरुवार को दिन भर कांवड़ियों का तांता लगा रहा। मानसी गंगा तट स्थित प्रमुख चकलेश्वर महादेव सदाशिव विष्णु तत्व माना जाता है।
मान्यता है कि गोवर्धन पर्वत की पूजा से कुपित इंद्र ने जब ब्रज में सात दिन मूसलाधार बारिश की थी, तब सदाशिव विष्णु तत्व महादेव ने त्रिशूल को चक्र के रूप में पर्वत के ऊपर स्थापित कर बारिश के जल को भाप बना कर सुखाया था। नगर में कांवर लेकर पहुंच रहे शिव भक्तों की सेवा में भक्तजन लगे हैं।
भोले शंकर मित्र मंडली दसविसा और भगौसा स्थित राधा रमन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पर गिर्राज बाबा एजूकेशनल वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में शिविर लगा कर कांवड़ियों की सेवा की जा रही है।
महाशिवरात्रि पर कांवड़ियों की सुविधा के लिए गो रक्षक सेना के कार्यकर्ताओं ने पूरे दिन सहयोग कर मथुरा-राया मार्ग पर जाम नहीं लगने दिया। महाशिवरात्रि पर कांवड़ लाने वालों की भीड़ रहती है। जाम न लगे इसके लिए गो रक्षक सेना के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कमान संभाली। सुनील चौधरी, मुकेश नंबरदार, राजकुमार, दीपक वर्मा, भोलू वर्मा आदि का सहयोग रहा।
प्रसाद पब्लिक स्कूल में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया। पर्व के बारे में जानकारी भी दी गई। बताया गया कि इस दिन भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में सृष्टि पर अवतरण हुआ था। प्रधानाचार्या डा. माया दीक्षित, इसरार अहमद, उप प्रधानाचार्या शालिनी शर्मा, एलपी सिंह आदि मौजूद थे।