मथुरा। चार साल से अटकी पुराने बस अड्डे के आधुनिकीकरण की योजना को आखिरकार गति मिल गई है। बस अड्डे का पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर करीब 30.64 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जाएगा। इसके लिए ईगल इंफ्रा इंडिया के साथ अनुबंध हो चुका है। हालांकि बस अड्डा परिसर में खड़े तीन पेड़ निर्माण कार्य शुरू होने की राह में बाधा बन रहे हैं।
पुराने बस अड्डे के पुनर्विकास के लिए परिवहन निगम काफी समय से प्रयास कर रहा था। इस दौरान कई बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन कोई कंपनी आगे नहीं आई। आखिरकार एक निजी कंपनी के साथ अनुबंध होने के बाद इसके धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हुआ है।
योजना के तहत बस अड्डे को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। यात्रियों के लिए वातानुकूलित प्रतीक्षालय बनाया जाएगा। प्रथम तल पर शॉपिंग मॉल विकसित करने की योजना है। यहां यात्री खरीदारी के साथ आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। परिसर में मिनी लॉजिस्टिक हब विकसित करने की भी योजना है।