थाना गोविंदनगर क्षेत्र की कुशक गली में मंगलवार की रात में अचानक छत गिरने से कमरे में सो रही तीन सगी बहनों की मौत हो गई। कमरे में ही एक बहन-भाई और थे, वो गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कुशक गली में जमुनादास व्यास का दो मंजिला पुश्तैनी मकान है। इस मकान में उनके पांच पुत्र महेश व्यास, कन्हैयालाल व्यास, बांकेबिहारी व्यास, रमेश व्यास और हरिओम व्यास अपने परिवार के साथ रहते हैं।
मंगलवार की रात में महेश व्यास की चार पुत्रियां वंदना (27), अंजना (24), शिवा शर्मा (19), कंचन शर्मा (16) और पुत्र सनी उर्फ मोहित (18) एक ही कमरे में सो रहे थे। रात में करीब 12 बजे पहले सबसे ऊपर के कमरे की छत गिरी और फिर उसके वजन से नीचे के कमरे की छत भरभरा कर नीचे गिर पड़ी। आवाज पर अन्य कमरों में रह रहे महेश व्यास के भाई और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और मलबा उठाना शुरू किया। घटना की सूचना दमकल और पुलिस को भी दी गई।
जब तक वंदना, अंजना और कंचन शर्मा को मलबे से निकाला गया, उनकी मौत हो चुकी थी। शिवा शर्मा और सनी उर्फ मोहित गंभीर रूप से घायल थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सगी बहनों के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
छोटी बेटी के साथ रोहतक गए थे पिता
महेश व्यास शादी विवाह में पंडिताई और स्टॉल आदि लगाने का कार्य करते हैं। वह इसी कार्य के चलते दो-तीन दिन पूर्व अपनी छोटी बेटी मांडवी (13) के साथ रोहतक गए थे। हादसे की जानकारी पर वह बुधवार की सुबह मथुरा आ गए। तीन पुत्रियों की मौत से वह और उनकी पत्नी मीना शर्मा बदहवास स्थिति में थे।
आंगन में सो रही थी मृतकों की दादी
महेश व्यास के भाई रमेश व्यास ने बताया कि उनकी मां शीला देवी (70) प्रतिदिन छत पर बने कमरे में सोती थीं। लेकिन मंगलवार की रात में वह नीचे आंगन में ही पंखा लगाकर सो रही थीं। इसके चलते वह बच गईं। यदि वह छत पर बने कमरे में सोतीं तो छत गिरने से उन्हें भी नुकसान हो सकता था। वहीं मृतक बहनों की मां मीना शर्मा बराबर के कमरे में सो रही थीं। उनके भी हल्की चोटें आई हैं।
विवाहित थी बड़ी पुत्री वंदना
छत गिरने से मृत महेश व्यास की बड़ी पुत्री वंदना विवाहित थी। मृतका के चाचा रमेश व्यास ने जिला अस्पताल में बताया कि वंदना का विवाह 30 नवंबर, 2012 में भरतपुर निवासी सोनू के साथ हुआ था। विवाह के बाद दोनों पक्षों में मनमुटाव होने के चलते वंदना यहीं रह रही थी।
डीएम-विधायक पहुंचे जिला अस्पताल
छत गिरने से घायल लोगों को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। बुधवार की सुबह डीएम राजेश कुमार घायलों को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवारीजनों को सांत्वना दी। महेश व्यास शहर कांग्रेेस कमेटी में पदाधिकारी भी हैं। विधायक प्रदीप माथुर, सभासद उमेश शर्मा, विनेश सनवाल, सभासद कुंजबिहारी भारद्वाज आदि भी अस्पताल पहुंचे।