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मथुरा पुलिस ने गजब कर डाला: अग्निवीर भर्ती में जिन दो युवकों ने लगाई सेंध, थाने से ही दे दी दोनों को जमानत

Mon, 04 May 2026 02:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में अग्निवीर भर्ती के दौरान मेडिकल पास कराने के नाम पर युवकों से ठगी का मामला सामने आया, जिसमें आर्मी इंटेलीजेंस ने दो आरोपियों को पकड़ा। हालांकि पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर उन्हें थाने से ही जमानत दे दी, जिससे पीड़ित अभ्यर्थी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
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agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अग्निवीर भर्ती परीक्षा के मेडिकल में पास कराने का ठेका लेकर भर्ती परीक्षा में सेंधमारी करने वाले दो युवकों को आर्मी इंटेलीजेंस ने खोज निकाला। दोनों आरोपियों को आर्मी इंटेलीजेंस व पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में पकड़ा गया। पुलिस ने धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करने के बाद दोनों आरोपियों को थाने से ही जमानत देकर छोड़ दिया। अब पीड़ित अभ्यर्थी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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हाल ही में आगरा में हुई अग्निवीर भर्ती रैली में मथुरा के सनी ने भी प्रतिभाग किया था। अभ्यर्थी ने बताया कि शारीरिक परीक्षा के बाद मिलिट्री हॉस्पिटल, आगरा में मेडिकल होना था। इसी बीच टैंक चौराहे पर उसे राया, मथुरा का कन्हैया और महावन निवासी श्यामवीर मिले। दोनों ने उसे मेडिकल में पास कराने का झांसा देकर 20 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद कई अन्य अभ्यर्थियों को भी वह मेडिकल में पास कराने का झांसा देकर ठग रहे थे।

आर्मी इंटेलीजेंस को इन युवकों के बारे में पुख्ता इनपुट मिले। आर्मी इंटेलीजेंस ने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद आर्मी इंटेलीजेंस ने पुलिस की मदद से दोनों युवकों को थाना सदर को सौंप दिया। पीड़ित सनी से प्राथमिकी दर्ज कराई गई। दोनों ठग अभ्यर्थियों के मूल शैक्षिक दस्तावेज भी जमा करा लेते हैं।
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पुलिस ने दोनों अभ्यर्थियों के पास से रोहित कुमार और कुलदीप नामक दो अन्य अग्निवीर अभ्यर्थियों की मार्कशीट बरामद कीं। लेकिन पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश करने की जगह दोनों आरोपियों से पूछताछ तक नहीं की। कितने लोगों के साथ ठगी गई, यह भी साफ नहीं हो सका। दो दिन बाद उन्हें थाने से जमानत देकर छोड़ दिया गया। दोनों आरोपियों ने आगरा में भी अभ्यर्थियों से इसी तरह ठगी करने की कोशिश की होगी। हालांकि पुलिस का कहना है कि धोखाधड़ी में बीएनएस की धारा 318(4) में सात साल से कम की सजा होने के कारण उन्हें थाने से जमानत दी गई है। प्राथमिकी की जांच प्रचलित है।
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