मथुरा में दिव्यांग पेंशन के सत्यापन में कुछ ऐसे लाभार्थी मिले हैं, जो योजना के पात्र ही नहीं है। इनमें से 10 ऐसे लाभार्थी मिले हैं, जो कागजों में फर्जी दिव्यांग बनकर योजना का लाभ ले थे। यहीं नहीं 75 ऐसे भी लाभार्थी हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है बावजूद इसके उनके खाते में पेंशन की रकम जा रही है। हालांकि सत्यापन रिपोर्ट आने बाद विभाग ने इन लाभार्थियों के खाता बंद कर दिए हैं। साथ ही अपात्रों से पेंशन रकम की रिकवरी भी कराई जाएगी।
इस योजना के तहत जिले में 12 हजार से अधिक लाभार्थियों को दिव्यांग पेंशन दी जा रही है। हर माह एक हजार रुपये के हिसाब से तीन-तीन हजार रुपये लाभार्थियों के खाते में भेजे गए। वर्तमान में जिले में वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं का सत्यापन कराया जा रहा है।