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यूपी में घुसा दिए सैकड़ों मजदूर, भरतपुर के थानेदार पर होगी कार्रवाई

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मथुरा। घटनास्थल पर वार्ता के दौरान जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, भरतपुर ज? - फोटो : MATHURA
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मथुरा। राजस्थान के बॉर्डर पर रविवार की सुबह मथुरा के थाना मगोर्रा की पुलिस ने बिहार-झारखंड के मजदूरों को यूपी में घुसने से रोका तो भरतपुर के थाना उद्योग नगर की पुलिस ने सैकड़ों मजदूरों को रेलवे पटरी के सहारे यूपी में घुसा दिया। इन मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हुई है। इस कारण यूपी के लिए कोरोना संक्रमण का खतरा भी बन गया है। उधर, बॉर्डर पर हुई मारपीट के मामले में भरतपुर के एसएसपी ने थाना उद्योग नगर के थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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बिहार-झारखंड के मजदूरों को जबरन यूपी में घुसाने के लिए मगोर्रा थाने के पुलिसकर्मी उद्योग नगर थाने के पुलिसकर्मियों का विरोध कर रहे थे तो दूसरी ओर उद्योग नगर थाने की पुलिस ने सैकड़ों मजदूरों को निकट ही मौजूद रेलवे लाइन के सहारे जाजमपट्टी क्षेत्र में प्रवेश करा दिया। जब यह जानकारी मगोर्रा पुलिस को हुई तो उन्होंने कुछ मजदूरों को तो वापस कर दिया बाकी मजदूर कहां चले गए पता नहीं चल सका। एसपी देहात श्रीश चंद्र ने बताया कि उद्योग नगर भरतपुर थाना पुलिस द्वारा मथुरा की सीमा में प्रवेश कर गए मजदूर कहां चले गए उन्हें नहीं मालूम। इन मजदूरों का प्रवेश करना कोरोना के कारण बेहद खतरनाक हो सकता है।
घर तक पहुंचाना था छोड़ गए बार्डर पर
मजदूरों को राजस्थान सरकार द्वारा उनके घरों तक पहुंचाना था। मजदूरों से इसी प्रकार से प्रति मजदूर पैसे भी लिए गए लेकिन उन्हें मथुरा बॉर्डर पर छोड़ दिया गया। इससे मजदूर मथुरा की सीमा में प्रवेश करने के लिए मजबूर हो गए।
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इस कार्य में थाना उद्योग नगर पुलिस ने उनको उकसाने का काम किया। आरोप है प्रति मजदूर उनके घरों तक पहुंचाने के लिए राजस्थान पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने 750 रुपये लिए थे। मौके पर मौजूद मजदूर विनोद ने बताया कि उन्हें बताया गया था कि मथुरा से बस मिल जाएंगी।
राजस्थान से आए 18 हजार मजदूरों को भेज चुकी है मथुरा पुलिस
राजस्थान सरकार द्वारा दो चरणों में मजदूरों को भेजने का काम किया गया। पहले चरण में करीब तीन हजार मजदूरों को भेजा गया। दूसरे चरण में करीब 13 हजार मजदूरों को भेजा जाना तय था लेकिन निर्धारित सीमा से अधिक करीब 15 हजार मजदूरों को भेजने की कार्रवाई की गई। मजदूरों को भेजने में एक प्रक्रिया का पालन किया गया। जिसमें उनकी गिनती कर आधार कार्ड तथा पहचान संबंधी अन्य कागजातों के आधार पर एक पास तैयार किया गया। इस पास की एक और शर्त थी जिसके तहत उनकी थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाती है।
थर्मल स्क्रीनिंग में जो मजदूर स्वस्थ पाए जाते हैं उनका पास तैयार होता है। पास के आधार पर जनपद पुलिस उन्हें अपनेे जनपद के माध्यम से गृह जनपद भेजने का काम कर रही थी। करीब 18 हजार मजदूर भेजने के बाद शनिवार को मथुरा जनपद की पुलिस ने मजदूरों को भेजने की प्रक्रिया बंद कर दी थी। इसके अलावा जिन मजदूरों को भेजने के लिए राजस्थान पुलिस दबाव डाल रही थी उनके पास कोई भी पास नहीं था। गैर पासधारी मजदूरों को भेजने के लिए पुलिस अधिकारियों ने मना कर दिया।
मजदूरों की सारी व्यवस्था राजस्थान पुलिस करेगी
राजस्थान और उत्तर प्रदेश की पुलिस में प्रवासी मजदूरों के प्रवेश को लेकर आपस में कहासुनी हो गई थी। दोनों जनपद के जिलाधिकारियों ने वार्ता करके मामले को शांत कर दिया गया है। प्रवासियों की पूरी व्यवस्था राजस्थान पुलिस करेगी और सूची तैयार कराएगी। रविवार को प्रवासी मजदूरों को लेकर राजस्थान पुलिस और यूपी पुलिस के बीच टकराव के प्रकरण में भरतपुर के थाना उद्योग नगर के प्रभारी सीपी चौधरी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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- हैदरअली जैदी, एसएसपी भरतपुर
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