बचे हुए एप्रोच मार्ग में भी आईं दरार
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पांच वर्ष पूर्व आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुआ वृंदावन पानीगांव पुल को जोड़ने वाला एप्रोच मार्ग अब तक ठीक नहीं हुआ है। पुन: तेज बरसात के चलते यमुना में बाढ़ का खतरा वृंदावन नगर और समीपवर्ती गांवों पर मंडरा रहा है। बचे हुए एप्रोच मार्ग को बचाने के लिए अस्थायी व्यवस्था की गई है। सिंचाई विभाग ने रेत के बोरों से पानी कटान वाले क्षेत्र में अस्थायी दीवार बनाई है।
जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को डर सता रहा है कि बाढ़ का पानी क्षतिग्रस्त मार्ग से ग्राम राजपुर और शहर में न घुस जाए। यदि बाढ़ आई तो वृंदावन सहित समीपवर्ती कई गांव पानी की जद में होंगे।
वर्ष 2011 में यमुना में आई बाढ़ के पानी से यमुना पुल के समीप बना वृंदावन-डांगोली मार्ग काफी हिस्सा पानी के कटान से ढह गया था। स्थानीय लोगों और संत समाज की वर्षों से मांग के बाद आजतक शासन प्रशासन क्षतिग्रस्त वृंदावन-डांगोली मार्ग का निर्माण नहीं करा पाया है। अब बचे हुए मार्ग में दरारें बढ़ रहीं हैं।
मुख्यमंत्री से की मार्ग निर्माण की मांग
वृंदावन विकास समिति के संरक्षक स्वामी महेशानंद सरस्वती ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भेज पुन: वृंदावन-डांगोली मार्ग निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे से वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए इस मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री त्वरित कार्य योजना के अंतर्गत शासन को भेजा था, लेकिन इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई। इस मार्ग का निर्माण पर्यटन और वृंदावन विकास की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।