मथुरा। मथुरा-वृंदावन नगर निगम के क्षेत्र में 2500 तंबाकू उत्पाद विक्रेता हैं। पिछले एक सप्ताह से नगर निगम की ओर से लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस क्रम में अब तक सिर्फ 400 आवेदन आए हैं। इनमें से 109 दुकानदारों के लाइसेंस बन चुके हैं। अन्य की जांच की जा रही है। इसके लिए निगम ट्रैफिक सिग्नल पर उद्घोषणा व अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक कर रहा है।
जिन 109 दुकानदारों के लाइसेंस बनाए गए हैं, उनमें से 10 थोक विक्रेता व 99 स्थाई और अस्थाई सिगरेट व तंबाकू उत्पाद विक्रेता हैं। 75 लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया है। तंबाकू उत्पाद के थोक विक्रेताओं से लाइसेंस शुल्क के एवज में पांच हजार, स्थाई विक्रेताओं से एक हजार और अस्थाई विक्रेताओं से पांच सौ रुपये शुल्क जमा कराया जा रहा है। इन लाइसेंस का प्रतिवर्ष नवीनीकरण भी कराना होगा। नगर निगम विक्रेताओं की दुकान और स्टोर का सर्वे करने के बाद ही लाइसेंस की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
बिना लाइसेंस बेचने पर हो सकती है जुर्माने व एफआईआर की कार्रवाई
अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने बताया कि शासन के आदेश के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद बिना लाइसेंस के बेचना 22 सितंबर 2022 से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद भी यदि कोई व्यापारी, दुकानदार या व्यक्ति बिना लाइसेंस के तंबाकू उत्पाद की बेचता पाया गया तो पहली बार में दो हजार रुपये जुर्माना लगाने के साथ ही सामान जब्त कर लिया जाएगा। दूसरी बार में पांच हजार रुपये जुर्माना और सामान जब्त और तीसरी बार पकड़े जाने पर पांच हजार रुपए जुर्माना और सामान जब्त करने के साथ ही एफआईआर कराई जाएगी। बीते दिनों हुए नगर निगम के सर्वे के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में 2500 सिगरेट व तंबाकू उत्पाद की दुकानें हैं।