मथुरा। आगरा के प्रॉपर्टी डीलर की तिजोरी में रखे एक करोड़ रुपये उन्हीं के स्कूल संचालक ने उड़ाए थे। बताया जा रहा है कि पुलिस ने खेत और सीढि़यों के नीचे से रकम बरामद कर ली है। इस पूरे प्रकरण का पुलिस सोमवार को खुलासा कर सकती है।
पुलिस जांच में बिल्डिंग में स्कूल संचालन करने वाला केके पचौरी ही इस वारदात के मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया है। पुलिस ने उसे रडार पर ले लिया है। देर शाम तक उसके ठिकानों पर रकम बरामदगी पर छापेमारी कर पुलिस रकम जुटाती रही।
मूल रूप से फरह के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर मुकेश अग्रवाल वर्तमान में आगरा के कमला नगर में रहते हैं। उनका कहना है कि फरह स्थित बिल्डिंग को उन्होंने किराए पर दे रखा है। इसके एक हिस्से में दुकान बनी है। उसी में उनकी तिजोरी रखी रहती है। दूसरे हिस्से में स्कूल चलता है। 27 मई को तिजोरी में एक करोड़ रुपये रखकर गए थे। शनिवार को वापस आकर देखा तो रकम गायब थी। रकम को जिस वक्त तिजोरी में रख रहे थे। तब केके पचौरी निवासी पचौरी का नगला, फरह, जो कि बिल्डिंग में स्कूल का संचालन करता है। वह वहां मौजूद था। उसके अलावा अन्य किसी को पैसों के बारे में जानकारी नहीं थी।
इंस्पेक्टर फरह कमलेश सिंह और स्वाट प्रभारी अभय शर्मा ने केके पचौरी को रडार पर ले लिया। बताया जा रहा है कि केके ने सादाबाद, हाथरस के रहने वाले कटर मिस्त्री लीला, जो कि हाल में पानी की टंकी, मखदूम नगर में रहता है। उसे अपने साथ लिया। उसने तिजोरी को कटर से तिजोरी को 16 जून को काटा था। इसके बाद दोनों ने रकम को पार किया था। करीब छह लाख रुपये लीला के हिस्से में आए थे। इसके अलावा अन्य रकम को केके पचौरी ने छिपाया था।
एसपी सिटी डाॅ. अरविंद कुमार ने बताया कि पुलिस ने वारदात का 90 फीसदी खुलासा कर दिया है। स्वाट प्रभारी अभय शर्मा और थानाध्यक्ष फरह कमलेश सिंह ने 24 घंटे में इस बड़ी वारदात को राजफाश किया है। पुलिस अब रकम की बरामदगी पर काम कर रही है। सोमवार तक इस पूरे काम को सफल अंजाम देते हुए अपराधियों को जेल भेज दिया जाएगा।