वृंदावन। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति द्वारा रेतिया बाजार स्थित फौजदार कुंज में दुर्गा पूजा महोत्सव में रविवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने भक्ति पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं।
अध्यक्षता करते हुए कवि मोहन मोही ने पंक्तियां पढ़ीं... रेतिया बाजार मध्य फौजदार कुंज मांहि, झांकी है अनुपम दुर्गा मैया शत शत वंदन है। डॉ. रमाशंकर पांडे ने कहा कि जन भावना में राष्ट्र भावना का भाव भर, भाग्य तो संवार देना मेरे हिंदुस्तान का..। डॉ. उमाशंकर राही ने शौर्य और वीर रस के साथ कविता पढ़ी। उन्होंने कहा कि राम तुम्हें यदि बनना है तो पहले घृणा द्वेष विसारो, तन का रावण मर जाएगा पहले मन का रावण मारो...। बृज किशोर त्रिपाठी ने संचालन करते हुए काव्य पाठ किया।
कवयित्री रेनू उपाध्याय ने सरस्वती वंदना पेश की। कवि विनीत गौतम, कवि प्रदीप पुंज ने भी काव्य पाठ किया। समिति अध्यक्ष डॉ. विनोद बनर्जी ने कवियों का सम्मान किया। विश्वनाथ गुप्ता, रवि चिंतक, कृष्ण मुरारी अग्रवाल, लक्ष्मी नारायण लड़ीवाल, लक्ष्मण गोस्वामी, बालकिशन वर्मा, डॉ. अवधेश महारथी आदि मौजूद रहे।