मथुरा। महानगर में बंदरों की समस्या के निदान की कोशिश करने का दावा करने वाले निगम अधिकारियों ने गेंद वन विभाग के पाले में फेंक दी है। एक शिकायत पर डीएम ने जब निगम अधिकारियों से बंदरों की समस्या के निराकरण की जानकारी चाही तो निगम अधिकारियों ने कह दिया कि वन विभाग की एनओसी न मिलने से बंदर पकड़ने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है ।
महानगर क्षेत्र में हर रोज 10-15 लोग बंदरों के शिकार हो रहे हैं। आए दिन बंदर काटने से जख्मी हो रहे महानगर वासियों द्वारा निगम और प्रशासनिक अधिकारियों से इसके समाधान की मांग की जा रही है। एक शिकायतकर्ता ने डीएम से इस संबंध में जानकारी मांगी कि बंदर पकड़ने के मामले निगम तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने क्या कदम उठाए हैं ।
डीएम द्वारा विगत दिनों निगम अधिकारियों से जब पूछा गया तो संयुक्त नगर आयुक्त ने बताया कि निगम द्वारा टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी परंतु टेंडर से पूर्व निगम द्वारा वन विभाग से एनओसी मांगी गई, वन विभाग के अधिकारियों ने एनओसी नहीं दी जिसके चलते नगर निगम की बंदर पकड़ने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है । संयुक्त नगर आयुक्त ने बताया कि निगम बंदरों को पकड़कर कहां छोड़ा जाएगा इसका निर्णय वन विभाग द्वारा किया जाना है ।