रिफाइनरी। औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए हाल ही में लगाए गए आरएमयू (रिंग मेन यूनिट) भी उद्योगों को राहत नहीं दे सके हैं। लगातार ट्रिपिंग, लाइन का दो फेस होना, बिना सूचना शटडाउन और फॉल्ट ठीक होने में घंटों लगने से उद्यमियों में भारी नाराजगी है। मामले में विद्युत अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उद्यमियों का गुस्सा फूट पड़ा।
उन्होंने बताया कि पिछले करीब चार दिनों से औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की अव्यवस्था के कारण कई औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन प्रभावित रहा। अचानक बिजली जाने से मशीनें बंद होती रहीं, कच्चे माल के खराब होने का खतरा बना रहा और श्रमिकों को खाली बैठना पड़ा। समय पर माल की आपूर्ति न होने से उद्यमियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। बढ़ते आक्रोश को देखते हुए रिफाइनरी विद्युत केंद्र पर अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी और विभाग की तकनीकी टीम के साथ रिफाइनरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में उद्यमियों ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष समस्याएं रखीं।
उद्यमियों ने बताया कि आरएमयू लगने के बाद भी बार-बार लाइन दो फेस हो रही है और लगातार ट्रिपिंग से मशीनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। बिना पूर्व सूचना शटडाउन लिए जाने और फॉल्ट आने पर घंटों तक आपूर्ति बहाल न होने से उद्योगों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने जर्जर पोल, पुराने जंपर और कमजोर विद्युत तंत्र को भी समस्याओं का प्रमुख कारण बताया। अधिकारियों ने कहा कि अब औद्योगिक क्षेत्र में बिना पूर्व सूचना के शटडाउन नहीं लिया जाएगा। आवश्यक होने पर उद्योगों को पहले से जानकारी दी जाएगी। साथ ही जर्जर पोलों को बदलने, पुराने जंपरों को मानक के अनुरूप बदलने तथा आरएमयू सहित संपूर्ण विद्युत तंत्र का तकनीकी परीक्षण कराने की बात कही गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कहा कि उद्यमी केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं। बैठक में उपाध्यक्ष भगत सिंह पटेल, संजय पांडे, प्रदीप पम्मानी, विनय अग्रवाल, प्रवीण मित्तल, मयंक गोयल, अमित बंसल, राजेश गोयल, हरेंद्र चौधरी, रवि राजपूत सहित बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।
परेशान उघमी के फोटो एवं नाम
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