मथुरा। जिस मुनीम को घर में आसरा दिया और परिवार का पेट पालने के लिए अपने यहां काम पर रखा वही अहसान फरामोश निकला। 50 लाख रुपये के लिए उसने अपने ही मालिक के बेटे से पहले कुकर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया। इस घटना को जिसने भी सुना दंग रह गया। परिवार में भी पुत्र की हत्या के बाद कोहराम मचा है। औरंगाबाद के मेवाती मोहल्ला निवासी मृतक छात्र के पिता अफजल ने बताया कि हत्यारोपी कानपुर निवासी सैफ पांच साल पहले यहां आया था। उसकी माली हालत ठीक नहीं थी। खाने तक के लाले थे। उसकी ऐसी हालत को देखकर पहले खाने-पीने का इंतजाम किया और पैसे आदि देकर कपड़े व अन्य सामान दिलवाया। इतना ही नहीं उसके भाई के बच्चों का एडमिशन तक कराया। बाद में परिवार का पालन-पोषण करने के लिए उसे दुकान पर मुनीम बनाकर रख लिया और अपना मकान शैफ को मात्र 14 लाख रुपयों में बेच दिया, ताकि वह परिवार के साथ रह सके, लेकिन अफजल को क्या पता था कि जिस मुनीम पर वह विश्वास कर रहा है वही उसके बेटे का हत्यारा निकलेगा।
हत्यारोपी शादीशुदा है और अफजल की हार्डवेयर की दुकान है। मुनीम बनने के बाद शैफ पर अफजल भराेसा करने लगे। वही कारोबार को देखने लगा। सैफ ही ज्यादातर सारे लेनदेन करता था। कब कहां से रुपये आने हैं, किसको कितना भुगतान करना है, बैंक में रुपये जमा करने आदि सब काम वही कर रहा था। उसे पता था कि मालिक के कहीं से 50 लाख रुपये आने हैं, इन्हीं रुपयों पर उसकी नजर थी। सैफ ने फिरौती के लिए अफजल के बेटे को पहले अगवा किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। हालांकि सैफ बच्चे को बहुत प्यार करता था और उसे चीज भी दिलाता था, लेकिन उसके साथ गलत कृत्य करने और हत्या के वक्त उसके हाथ नहीं कांपे।