मथुरा। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री द्वारा श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित सभी वादों को मथुरा की अदालत से हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए डाले गए वाद में वादकारी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने विरोध किया है। उन्होंने हाईकोर्ट में 7 अप्रैल को जस्टिस अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में दिए गए प्रार्थनापत्र में कहा है कि चूंकि अधिकतर वादकारी मथुरा के रहने वाले हैं इसलिए इन वादों की हाईकोर्ट में सुनवाई किए जाने का कोई औचित्य नहीं है। इनकी सुनवाई के लिए मथुरा में ही विशेष अदालत बनाई जानी चाहिए।श्रीकृष्ण जन्मस्थान ईदगाह प्रकरण के 12 वादकारियों में से एक अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने हाईकोर्ट में एक वाद डालकर मथुरा में चल रहे सभी केसों को हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए प्रार्थना की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने किसी भी अन्य वादकारी को अपनी बात रखने के लिए 7 अप्रैल तक को समय दिया था। 7 अप्रैल को वादकारी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया, जिसमें अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री की प्रार्थना पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि मथुरा की अदालत में श्रीकृष्ण जन्मस्थान ईदगाह प्रकरण में करीब 12 दावों पर सुनवाई चल रही है, जिनमें से करीब 10 वादकारीगण मथुरा के ही रहने वाले हैं। प्रतिवादीगण भी मथुरा से ही हैं और जिस संपत्ति पर विवाद चल रहा है वह संपत्ति भी मथुरा में ही स्थित है लिहाजा इन दावों की सुनवाई हाईकोर्ट में किए जाने का कोई औचित्य नहीं बनता है। एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट में अब इस मामले में 11 अप्रैल को सुनवाई होगी।