डीएम ने शनिवार को जनपद के सभी निकायों का आकस्मिक निरीक्षण कराया। इस दौरान सबसे अधिक गंदगी वृंदावन में मिली। दूसरे स्थान पर राया और चार नगर पंचायत हैं। इन क्षेत्रों से जुडे़ सफाई नायक और सफाई कर्मचारियों के वेतन काटते हुए ईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
शनिवार को निरीक्षण के बाद सभी एसडीएम ने अपने क्षेत्र से संबंधित रिपोर्ट डीएम नितिन बंसल को दी। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में सबसे अधिक गंदगी वृंदावन नगर पालिका क्षेत्र में दिखी। यहां परिक्रमा मार्ग भी बेहद गंदा है। कूडे़ के ढेर बिखरे पडे़ हैं। डलाबघर कूडे़ से भरे हुए हैं।
सर्वाधिक श्रद्धालुओं के आवागमन का केंद्र बने वृंदावन के लिए ये चिंताजनक स्थिति है। इसके लिए ईओ को नोटिस भेजते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसडीएम छाता की रिपोर्ट के अनुसार कोसीकलां में भी सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली है। नगर पंचायतों में महावन, बलदेव, सौंख में भी गंदगी मिली है। डीएम ने सभी ईओ को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही क्षेत्रीय सफाई कर्मचारी और नायक का एक दिन का वेतन काटने का भी आदेश दिया है।
गंदगी पर हेमा भी रहती हैं नाराज
सांसद हेमामालिनी भी वृंदावन में गंदगी को लेकर कई बार चिंता जता चुकी हैं। उन्होंने प्रशासनिक अफसरों के साथ इस मुद्दे को उठाया था।