भरतपुर। नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में फर्जी पट्टा प्रकरण छाया रहा। भाजपा के साथ कांग्रेस के पार्षदों ने मामले की एसीबी जांच की मांग को लेकर हंगामा किया। मेयर अभिजीत कुमार की अध्यक्षता में शहर के विकास कार्यों के एजेंडे को लेकर बुलाई गई बैठक की शुरुआत ही हंगामे से हुई। भाजपा पार्षद वीरमति ने कहा कि नगर निगम में पार्षदों के साथ सौतेला व्यवहार कर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है।
भाजपा पार्षद श्यामसुंदर गौड़ ने फर्जी पट्टों के मामले की चर्चा करते हुए कहा कि अभी तक यह मामला अधर में अटका हुआ है। निगम प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रूपेंद्र जघीना, कांग्रेस पार्षद दाऊदयाल जोशी, पार्षद नरेंद्र सिंह ने फर्जी पट्टे के मामले की एसीबी से जांच कराने की मांग सदन में की। मेयर अभिजीत कुमार ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि अपने पद के अनुसार जो भी कार्रवाई फर्जी पट्टों के मामले में संज्ञान आने के बाद वह कर सकते थे उन्होंने की है। पूर्व में इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। अब आगे की कार्रवाई करने का काम पुलिस व प्रशासन का है।
भाजपा पार्षद वीरमति ने कहा कि उनके वार्ड में विकास कार्य न होने से आमजन परेशान हैं। कई बार मेयर व अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद श्यामसुंदर गौड़ ने सवाल उठाया कि नगर निगम का पैसा आरबीएम व जनाना अस्पताल में किस आधार पर लगाया जा रहा है। नगर निगम के वार्डों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में पैकेजिंग व्यवस्था पर भी कई पार्षदों ने विरोध जताया। संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच नहीं करने के मामले सदन में पार्षदों द्वारा उठाए गए। बैठक में पार्षद रेनु गोरावर, मोती सिंह, देवेंद्र, शैलेश पाराशर, कपिल फौजदार, अंजना लवानिया ने भी अपने-अपने वार्डों की समस्याओं से सदन को अवगत कराया। पार्षद मनोज सिंह की माताजी के निधन पर 2 मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।