शहादत के 15 साल बाद भी शहीद के परिवारीजन आश्वासनों के पूरा होने के इंतजार में है। 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकी हमले को नेस्तनाबूद करने में कोसीकलां के गांव हरीपुरा निवासी और दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल घनश्याम पटेल शहीद हो गए थे।
इसके बाद शहीद के परिवारीजनों से मिलने गांव आए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अफसरों ने कई आश्वासन दिए। इनमें से बेटे को नौकरी के अलावा कोई वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है। मंगलवार को संसद में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने गए घनश्याम पटेल के बेटे ने इस संबंध में एक पत्र पीएमओ को भी सौंपा।
शहीद के पुत्र बच्चू सिंह ने बताया कि पिता की मूर्ति लगवाने की घोषणा सरकार ने की थी लेकिन उन्होंने अपने रुपयों से ही मूर्ति लगवाई। पिता की शहादत के बाद गांव आए बसपा नेता और मांट विधायक श्यामसुंदर शर्मा और छाता क्षेत्र के तत्कालीन विधायक चौधरी लक्ष्मीनारायण ने पार्क के जीर्णोद्धार की बात कही थी। लेकिन गांव हरीपुरा का शहीद पार्क आज भी बदहाल है।
जिला प्रशासन का नंदगांव रोड का नाम शहीद घनश्याम के नाम पर रखे जाने का आश्वासन भी अधूरा है। शहीद के पुत्र सुंदर सिंह का कहना है कि सरकार ने पेट्रोल पंप ऐसे स्थान पर आवंटित किया है, जहां बिक्री न के बराबर है। वे कई बार केन्द्र सरकार से मांग कर चुके है कि सरकार पेट्रोल पंप वापस लेकर गैस एजेंसी आवंटित कर दे लेकिन उनकी इस मांग भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
मंगलवार शाम को दिल्ली से लौटे बच्चू सिंह ने बताया कि उपर्युक्त सभी समस्याओं के संबध में एक पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंप दिया है। इधर मामले में पूछे जाने पर पूर्व मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण
ने कहा कि पार्क के संबंध मेें कोई प्रस्ताव आज तक नहीं मिला है। अगर प्रस्ताव मिलता तो पार्क का जीर्णोद्धार अवश्य करा देते। अगर ग्राम पंचायत प्रस्ताव बनाकर भेजेगी तो उसे शासन से स्वीकृति कराकर पार्क का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। पूर्व मंत्री एवं मांट क्षेत्र के विधायक श्याम सुंदर शर्मा से वार्ता करने का प्रयास किया गया लेकिन वार्ता नहीं हो सकी।
शहीद को दी गई श्रद्धांजलि
मंगलवार को शहीद दिल्ली पुलिस के जवान घनश्याम पटेल को गांव हरीपुरा में श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। सुबह हवन-यज्ञ हुआ इसके बाद उनकी उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस मौके पर दीपचंद, महावीर, बिजेद्र सिंह ने शहादत पर गर्व करते हुए नारे लगाकर श्रद्धासुमन अर्पित करे। छज्जू राम, मनीराम आदि ने घनश्याम पटेल के बलिदान को सर्वोच्च बलिदान बताया। पुष्पेंद्र, राहुल, मान सिंह आदि ने शहीद पार्क के सुंदरीकरण की मांग की है।