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आर्यदल का उद्देश्य मानव निर्माण, शक्ति संचय और राष्ट्र सेवा-आचार्य स्वदेश

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वृंदावन। गुरुकुल विश्वविद्यालय में आयोजित आठ दिवसीय आर्यवीर दल के आवासीय प्रशिक्षण शिविर का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। मुख्य वक्ता आचार्य स्वदेश महाराज ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य मानव निर्माण, शक्ति संचय और राष्ट्र सेवा के लिए युवाओं को तैयार करना है। प्रशिक्षण के बाद इस उद्देश्य में खरा उतरने की बारी प्रशिक्षित युवाओं की है।
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आठ दिवसीय शिविर के दौरान 90 आर्यवीरों को आसन, नियुद्धम, छुरिका, लाठी आदि के साथ शारीरिक, आत्मिक एवं सामाजिक उन्नति का प्रशिक्षण दिया गया। इसके अंतर्गत हवन यज्ञ भी किया गया। अध्यक्षीय संबोधन में आर्य उपप्रतिनिधि सभा के जिला प्रधान पंडित विपिन बिहारी आर्य ने कहा कि आर्यवीर दल चरित्र निर्माण का कारखाना है, जिसमें बच्चों को आठ दिन में संस्कारित बना दिया जाता है। यह संस्कार उसे स्कूली शिक्षा के दौरान भी नहीं मिल पाते हैं। संचालन जिला संचालक धर्मेंद्र आर्य ने किया। पंकज कुमार आर्य ने अग्नि को साक्षी मानकर सभी आर्यवीरों को समाज और राष्ट्र सेवा की शपथ दिलाई।
हरिसिंह आर्य, व्यायाम शिक्षक कृष्णपाल आर्य, आचार्य हरिशरण आर्य, पूरन वर्मा, प्रह्लाद आर्य, केके आर्य, किशोरी लाल आर्य, योगेश आर्य, संतोष आर्य, राममुनि, ब्रह्मचारी युद्धवीर, सरोजयति, मीनू आर्या आदि उपस्थित रहे।
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