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Mathura News: हिंदू पक्षकारों ने मस्जिद के लिए दूसरी जगह भूमि का दिया था प्रस्ताव

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़ी विशेष अनुमति याचिकाओं (एसएलपी) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चार जुलाई को स्थानीय लोक अदालत में सुलह वार्ता का प्रयास विफल हो गया था। एडीजे-11 सुरेंद्र प्रसाद की अदालत में आयोजित इस प्रक्रिया के दौरान हिंदू पक्ष के वादी उपस्थित हुए थे, जबकि मुस्लिम पक्ष सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुआ। हिंदू पक्ष की ओर से प्रस्ताव दिया था कि मुस्लिम पक्ष विवादित ढांचा हटा ले, हम अन्य स्थान पर भूमि उपलब्ध कराएंगे।
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मुस्लिम पक्ष का कहना था कि 1968 में जो समझौता हुआ था, शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी उस पर आज भी कायम है। हिंदू पक्षकारों ने बताया था कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद मामले में अब तक 18 वाद दायर हो चुके हैं। इन सभी की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही है। पिछले दिनों कुछ लोगों ने सात विशेष अनुमति याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कीं। इसमें कहा गया था कि दोनों पक्षों में समझौता कराकर विवाद का निस्तारण किया जाए। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा में विशेष लोक अदालत में यह मामला स्थानांतरित किया और समझौते का प्रयास कराने को कहा था। चार जुलाई को मामले में विशेष लोक अदालत में जज सुरेंद्र प्रसाद ने न्यायालय में सुलह समझौते का प्रयास किया था, लेकिन मुस्लिम पक्ष के उपस्थित नहीं होने से प्रयास विफल हो गया था। हिंदू पक्ष की ओर से याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह, सुरेंद्र गुप्ता उनके सहयोगी प्रदीप श्रीवास्तव, महावीर प्रसाद के अलावा अन्य याचिकाकर्ता कौशल किशोर, अजय प्रताप सिंह और श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के अधिवक्ता हरेराम त्रिपाठी भी उपस्थित रहे थे। शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी पक्षकार तनवीर अहमद का कहना था कि मंदिर व मस्जिद पक्ष में 1968 में जो समझौता हुआ है शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी उस पर कायम हैं। समझौता रजिस्टर्ड है और कोर्ट से डिक्री भी किया गया। महेंद्र प्रताप ने बताया था कि अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 21, 22 और 23 अगस्त को सूचीबद्ध मामलों में से किसी भी तिथि पर सुनवाई हो सकती है।
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