सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री राजश्री चौधरी का स्वागत करते पदाधिकारी।
वृंदावन। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री एवं अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजश्री चौधरी ने कहा कि गोहत्या पर देश में पूरी तरह से रोक लगाने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। गोहत्या से आस्था को आघात पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि गोमाता का महत्व न सिर्फ आस्था के कारण है बल्कि मानव जीवन में वह बहुत उपयोगी है। गोमाता को खो देने से एक तो आस्था को आघात पहुंचेगा वहीं आने वाले समय में लोगों का जीवन मुश्किल हो जाएगा। यह बात उन्होंने रंगजी के बगीचा के समीप रघुनाथ आश्रम में हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में कही।
अधिवेशन में कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए। इसमें श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर शिला स्थापित करना, गोहत्या पर रोक, सरकार मुक्त मंदिर, कर रहित मंदिर की दानराशि शामिल हैं। इन सभी प्रस्तावों को लेकर देश में जन आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रसोई गैस और ईंधन के लिए भारत किन-किन देशों पर निर्भर रहेगा। केंद्र सरकार को गोहत्या पर रोक लगाते हुए गाय के गोबर से रसोई गैस एवं अन्य उत्पादन को बढ़ावा देने को कहा। अधिवेशन में अयोध्या की तर्ज पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर निर्णायक कदम उठाने की घोषणा की है।
आगामी 6 दिसंबर को महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा जन्मस्थान पर प्रतीकात्मक रूप से शिला स्थापित करने की योजना बनाई गई है। प्रत्येक प्रदेश से शिला लाकर यहां स्थापित की जाएंगी और संकल्प लिया जाएगा कि श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बने। उन्होंने कहा कि यह देश धर्म निरपेक्ष है। ऐसे में सरकार कैसे हिंदू मंदिरों का अधिग्रहण कर सकती है। यदि सरकार मंदिरों को अधिग्रहण कर सकती है तो गुरुद्वारे, गिरजाघर, मस्जिद का भी अधिग्रहण करे। मंदिरों में आने वाला दान सरकार के लिए नहीं बल्कि आराध्य के लिए आ रहा है। दानराशि को मंदिरों के रखरखाव और हिंदू समाज के हित में लगाया जाना चाहिए। इसे लेकर सभी प्रदेशों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
यदि इस पर भी सरकार नहीं मानी तो न्यायालय जाएंगे। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को महासभा ने अपना 111 वां स्थापना दिवस मनाया। इसी तिथि को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज ने मणिपुर में ब्रिटिश सेना को परास्त कर पहली बार तिरंगा फहराया था। इस अवसर पर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल, सुरेंद्र बाबू, अनुज कटोच, उमेश सिंह, कल्याण गौड़, मल्लिका अर्जुन, सोपन महाराज, अनिल त्रिपाठी विक्रम वैश्य आदि मौजूद रहे।