श्री बांकेबिहारी मंदिर जाने वाली गली में आराध्य के दर्शन के लिए जाते श्रद्धालु।
वृंदावन। नववर्ष के पहले दिन ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। आराध्य के दर्शन की लालसा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पट खुलने से पहले ही मंदिर पहुंचे। धक्का-मुक्की के बीच करीब ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर के चौक से लेकर संकरी गलियों में भीड़ रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा।
बृहस्पतिवार को सेवायतों ने मंदिर को लाल और सफेद रंग के गुब्बारों से सजाया। चौक में श्रद्धालुओं को सर्दी से बचाव के लिए मैट बिछाई गई। ठाकुरजी का भव्य और आकर्षक शृंगार कर रंगबिरंगी जरी की पोशाक धारण कराई गई। इसमें चांदी की गोटा किनारी जड़ी थी। मंदिर के सुबह निर्धारित समय पर पट खुलने से दो घंटे पहले से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए। मंदिर के प्रवेश द्वार दो और तीन से लेकर विद्यापीठ चौराहा और परिक्रमा मार्ग में जुगल घाट तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगीं रहीं।
पुलिस ने श्रद्धालुओं को दाहिने रेलिंग से मंदिर की ओर जाने दिया जबकि बाई ओर की रेलिंग खाली रही। इससे स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम हो सका। भजन एवं कीर्तन के बीच पट खुलते ही श्रद्धालुओं का रेला मंदिर में उमड़ पड़ा। भीड़ के दबाव और धक्का-मुक्की के बीच श्रद्धालुओं ने बमुश्किल दर्शन किये। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी रस्सी से भक्तों को कुछ पल के लिए रोककर मंदिर की ओर बढ़ा रहे थे। यही हाल शाम के समय रहा। मंदिर के पट बंद होने तक भक्तों की भीड़ मंदिर और उसके आसपास की गलियों में लगी रही। श्रीबांके बिहारी हाईपावर कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि नववर्ष पर लगभग ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के दर्शन किए हैं। श्रद्धालुओं की संख्या इसी तरह दो से तीन दिन दिन तक रह सकती है।