मथुरा। 84 कोस परिक्रमा मार्ग की दशा सुधारने की तैयारियां जोरों पर हैं। आर्थिक तंगी के चलते इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ठंडे बस्ते में डाल दिया था। हालांकि अब धरातल पर उतारने के लिए फिर से विभागीय पत्राचार शुरू हो गए हैं। ब्रज तीर्थ विकास परिषद भारत सरकार को प्रस्ताव मंजूरी के लिए पत्राचार की तैयारी में है।
करीब दो साल पहले सांसद हेमामालिनी की पहल पर ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा को अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा की थी। इस पर 5 हजार करोड़ के खर्च का आकलन किया गया था। इसमें 184 किलोमीटर का दायरा उत्तर प्रदेश और 70 किलोमीटर राजस्थान और 45 किलोमीटर हरियाणा से होकर गुजरता है। इसकी दशा सुधारने की योजना उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने तैयार की है। इसमें चार लेन सड़क निर्माण और सड़क के दोनों और दो-दो मीटर कच्ची पगडंडी बनाने की योजना है।
हालांकि यह प्रस्ताव बीते दो सालों से अधर में लटका है। 84 कोस परिक्रमा मार्ग भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और प्रमुख लीला स्थलियों से श्रद्धालुओं को जोड़ता है। सीईओ एसबी सिंह ने बताया है कि जल्दी ही कार्य शुरू कराने की योजना बनाई जा रही है। फिर भारत सरकार और राज्य सरकार को प्रस्ताव मंजूरी के लिए अवगत कराया जाएगा। इसकी योजना बनाई जा रही है।
ब्रज 84 कोस परिक्रमा
- 299 किलोमीटर में विकसित होगा परिक्रमा मार्ग।
- 04 स्थानों पर यमुना और 04 स्थानों पर नेशनल हाईवे से गुजरेगी।
- 36 पड़ाव स्थल होंगे। इसमें 28 पड़ाव यूपी में 07 राजस्थान और 01 हरियाणा क्षेत्र में है।