दिनभर बैंक की लाइन में लगी रही दूल्हे की मां
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तेइस नवंबर को बेटे की बारात जानी है लेकिन घर में कोई इंतजाम नहीं हो पाया है। रामवती सारा दिन बैंक की लाइन में खड़ी रही लेकिन एक पैसा नहीं मिला। थक-हारकर शाम को वापस लौट आईं।
नोटबंदी से शादी वाले घरों में काफी परेशानी हो रही है। पैसे न हो पाने के कारण उस तरह से इंतजाम नहीं हो पा रहे हैं। वार्ड संख्या दो के सभासद खेमचंद की पत्नी रामवती तो पिछले तीन दिनों से बैंक के चक्कर लगा रही हैं लेकिन पैसा नहीं मिला। 23 नवंबर को रामवती के बेटे की बारात जानी है।
मंगलवार को वह कस्बे में सारा दिन कोआपरेटिव बैंक की लाइन में खड़ी रहीं। शादी का कार्ड बैंक वालों को दिखाया। अपनी मजबूरियां बताईं। लेकिन बैंककर्मी केवल दो हजार रुपये देने को तैयार हुए। रामवती ने बताया कि वह बैंक में अपने खाते से पैसे निकालने आयी थी लेकिन बैंक के कैशियर ने सिर्फ दो हजार देने की बात कही। मैंने जब बीस हजार रुपये निकालने को कहा तो कैशियर ने पैसे देने इंकार कर दिया। ऐसे में बेटे की शादी की तैयारी कैसे करूंगी। कई दूसरे जरूरतमंदों का भी पैसा नहीं मिल पाया है।