यूजीसी कानून का विरोध
वृंदावन। यूजीसी कानून के विरोध में ब्राह्मण महासभा ने इस वर्ष होली का त्योहार न मनाने का निर्णय लिया है। गांधी मार्ग स्थित श्रीनाथ धाम में आयोजित बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विप्रजनों ने एकत्र होकर कानून के विरोध में अपनी नाराजगी व्यक्त की। सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी से संबंधित प्रस्तावित व्यवस्था समाज के एक बड़े वर्ग के हितों की अनदेखी करती है। उनका मानना है कि इस प्रकार के कानून सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान एक स्वर में कहा कि यदि समय रहते सरकार ने इस विषय पर पुनर्विचार नहीं किया, तो समाज व्यापक स्तर पर विरोध दर्ज कराएगा।
ब्राह्मण महासभा के संस्थापक सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार को किसी विशेष वर्ग को संतुष्ट करने के उद्देश्य से ऐसे निर्णय नहीं लेने चाहिए । चेतावनी दी कि यदि सरकार अपनी हठधर्मिता पर कायम रहती है, तो आगामी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन नहीं दिया जाएगा। भागवताचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि यूजीसी कानून वर्तमान स्वरूप में सवर्ण समाज के हितों की रक्षा नहीं करता है। ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष महेश भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भाजपा की नीतियां सवर्ण वर्ग के हितों के अनुरूप प्रतीत नहीं हो रही हैं। इस अवसर पर अशोक व्यास, मीरा शास्त्री, गोपाल शरण शर्मा, अजय बिहारी शर्मा, अभिषेक शर्मा, रविकांत गौतम, सुमनकांत पालीवाल, ब्रजेश शर्मा एवं गोविंद पचौरी आदि मौजूद रहे।