वृंदावन। रविवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही श्रद्धालुओं का रेला गलियाें में खड़ा नजर आया। जैसे-जैसे दिन चढ़ा भीड़ बढ़ती चली गई। शाम को गलियां श्रद्धालुओं से खचाखच भर गईं। स्थानीय लोगों को घरों से निकलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विद्यापीठ और जुगलघाट मार्ग से आने वाले भक्तों की भीड़ इतनी थी कि एंट्री पाइंट पर श्रद्धालु एक-दूसरे को संभालते हुए किसी तरह आगे बढ़ रहे थे। मंदिर प्रांगण में पहुंचते ही दर्शन की जल्दी में धक्का-मुक्की और आपाधापी का माहौल बन गया। कई स्थानों पर भक्तों को रुक-रुककर आगे बढ़ना पड़ा। दोपहर को जब मंदिर के पट बंद हुए तब भी भीड़ का असर कम नहीं हुआ और शाम को पट खुलने के बाद पुनः भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को झेलनी पड़ी। गलियों में बढ़ते दबाव के बीच कई बुजुर्ग दुकानों के चबूतरों पर बैठकर विश्राम करते दिखाई दिए। भीड़ के कारण एंट्री पाइंट से मंदिर तक पहुंचने में उन्हें घंटों लग गए। श्रद्धालुओं का कहना था कि यदि भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था और मजबूत होती, तो ऐसी स्थिति न बनती। संवाद