मथुरा। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाखों की लागत से आईपीएचएल लैब बनकर तैयार हो गई है। टेस्ट मशीन एवं किट को स्थापित करने का कार्य चल रहा है। जोकि जल्द ही पूरा हो जाएगा। लैब द्वारा शुरुआत में थैलीसीमिया बीमारी की जांच की जाएगी।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के भूतल पर लैब का निर्माण लगभग 62 लाख रुपये की लागत से किया गया है, जिसमें करीब 150 से अधिक प्रकार की जांचें की जाएंगी। इस इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री के शुरू होने से जिला अस्पताल में माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी जांचें होंगी। लैब के शुरुआत में थैलीसीमिया की जांचें की जाएंगी। इसके लिए मशीनों और किट लाई जा रही हैं। इसके बाद दूसरे चरण में विटामिन बी 12, थायराइड एवं कल्चर की जांच की सुविधा रोगियों को मिलेगी।
इस लैब के शुरू होने से उन मरीजों को राहत मिलना तय है, जिन्हें जांच के लिए निजी अस्पताल और दिल्ली व आगरा जाना पड़ता था। लैब में पांच टेक्नीशियन, दो डाटा ऑपरेटर, माइक्रोबॉयलॉजिस्ट, बायोकेमिस्ट के साथ में पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर की तैनाती की जाएगी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल ने बताया कि आईपीएचएल लैब का निर्माण पूर्ण हो गया है। रक्त का नमूना लेने के लिए काउंटर बन गया है। वार्ड के प्रथम तल में लैब में गंभीर बीमारियों की जाचें भी की जाएंगी, जो के अभी तक सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं। लैब के शुरुआत में थैलीसीमिया की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके बाद अन्य जांचें भी लैब में उपलब्ध होंगी।