वृंदावन। ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में पौष मास के शुक्ल पक्ष की दौज तिथि को मंदिर में खिचड़ी महोत्सव का शुभारंभ हुआ। पहले दिन ठाकुरजी ने गोपी रूप में भक्तों को दर्शन दिए। मंगल आरती के बाद समाज गायन हुआ। ठाकुरजी को मेवा युक्त खिचड़ी का भोग सेवित किया। ठाकुरजी के वर्ष में एक बार होने वाले विशेष दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
सोमवार सुबह आचार्यों द्वारा रचित पदावलियों का हवेली संगीत शैली में गायन किया गया। ठाकुरजी के पट खुलने के बाद सेवायत ने मंगला आरती की। इसके बाद 310 साल पुरानी पुरानी खिचड़ी महोत्सव की परंपरा का निर्वहन किया गया। कुछ समय अंतराल में ठाकुरजी के कई स्वरूपों में दर्शन कर भक्त निहाल हो गए। मंदिर की रसोई में तैयार 200 किलो मेवा युक्त खिचड़ी ठाकुरजी को सेवित की।
साथ में आलू का अचार, श्रीखंड, गजक, रेवड़ी, मक्खन, कुलिया, मेथी के लड्डू, मोहनथाल, अदरक कूचा भी ठाकुरजी का सेवित किया गया। बाद में ने भक्तों को खिचड़ी प्रसाद वितरित किया। मंदिर के प्रबंधक अशोक गौतम ने बताया कि मंदिर में खिचड़ी महोत्सव की शुरुआत हो गई है। एक माह तक ठाकुरजी खिचड़ी महोत्सव में मंगला आरती के बाद विभिन्न स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देंगे।