रंगभरी एकादशी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि में भव्य लठामार और पुष्प होली का आयोजन हुआ, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल हुए। रसिया, गुलाल और फूलों की वर्षा के बीच राधा-कृष्ण की होली लीला सजीव हो उठी।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि की विश्वप्रसिद्ध लठामार होली बहुत ही धूमधाम, भव्यता के साथ में अभूतपूर्व आयोजन रंगभरी एकादशी पर शुक्रवार को हुआ।। केशव वाटिका के पवित्र लीलामंच पर फाग महोत्सव में गाये जाने वाले लोकगीत, भजन, रसिया, छन्द आदि के दिव्य आयोजन से लाखों की संख्या में पधारे श्रद्धालुजन आनन्दित एवं उत्साहित होकर नृत्य कर उठे।
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ब्रज चौरासी कोस में होली के अवसर पर जिन परंपराओं का पालन किया जाता है उन सभी का दर्शन भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र जन्मभूमि पर करना स्वयं में ही एक अलौकिक अनुभूति है। प्रिया प्रियतम की प्रिय होली लीला में पुष्प होली सखियों द्वारा रंगारंग लठामार होली आकर्षण रही। कई मन पुष्प पंखुड़ियों को प्रिया-प्रियतम के स्वरूप गोपी-ग्वाल संग होली खेलते बरबस ही भगवान श्रीराधाकृष्ण के इस भाव को आनन्दित कर रहे थे। पुष्प होली के मध्य टेसू पुष्प के रंग की वर्षा एवं गुलाल से आसमान सतरंगा हो उठा एवं संपूर्ण जन्मभूमि का प्रांगण अलौकिक रूप में प्रकट हो रहा था।