युगल रुप में दर्शन देते ठाकुर राधा बल्लभ लाल । संवाद
वृंदावन। ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में चल रहे खिचड़ी महोत्सव में माघ कृष्ण पड़वा पर आराध्य ने युगल रूप में भक्तों को दर्शन दिये। भक्तों ने मंगला आरती के बाद पोशाक विक्रेता, तोता, मैना वाले के रूप में आराध्य के दर्शन किए।
रविवार सुबह ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में मंगला आरती के बाद ठाकुरजी ने तरह-तरह के रुप धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। इसमें वे ठाकुरजी बांकेबिहारी के स्वरुप में भक्तोें को पीली पोशाक, हाथों में मोजा और सिर पर मुकुट धारण किया दिए। वर्ष में एक बार होने वाले इन विशेष दर्शन को सुबह से भक्तों को तांता लगा रहा। मंदिर परिसर राधावल्लभ लाल और बांंकेबिहारी महाराज के जयकारों से गूंज उठा। इससे पहले गोस्वामीजनों ने ठाकुरजी को मेवाओं से युक्त मीठी एवं नमकीन खिचड़ी सेवित की। खिचड़ी के साथ भुनी फली, नींबू का अचार, कुलिया मिठाई, श्रीखंड सहित कई तरह की फलहारी, सब्जी का भोग लगाया। गोस्वामियों ने भक्तों को खिचड़ी प्रसाद वितरित किया। सेवायत मोहित मराल गोस्वामी ने रूप बेली प्यारी बनी, प्रीतम प्रेम तमाल..., श्रीराधावल्लभ लाल...आदि पद सुनाए।