स्वर्ण एवं रजत के हिंडोले में विराजमान ठाकुर द्वारिकाधीश महाराज।
मथुरा। सावन के 13वें दिन प्राचीन ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में सोमवार को ठाकुर जी महाराज सोने-चांदी के भव्य हिंडोले में विराजमान हुए। राजाधिराज के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे परिसर में भक्ति एवं उल्लास का वातावरण छा गया। बुधवार को ठाकुर जी हरी घटा में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी (एडवोकेट) ने बताया कि सावन मास के 13वें दिन ठाकुर जी को स्वर्ण एवं रजत से अलंकृत विशेष हिंडोले में विराजमान कराया गया। उन्होंने बताया कि पुष्टिमार्गीय परंपरा में सावन मास के दौरान ठाकुर जी को लाड़-लड़ाने की भावना से विविध प्रकार की घटाओं और हिंडोलों में विराजमान कराकर विशेष सेवा की जाती है। यह परंपरा पूरे सावन में निरंतर चलती है और प्रतिदिन ठाकुर जी अलग-अलग मनोरम स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को उद्यापन के दर्शन सायंकाल 5 बजे से खुलेंगे, जबकि शयन दर्शन शाम 7 बजे से 8 बजे तक होंगे। इस अवसर पर ठाकुर जी महाराज हरी घटा में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।