राधा दामोदर मन्दिर में विराजमान ठाकुरजी
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वृंदावन (मथुरा)। वृंदावन में अब भक्तों के लिए ठाकुरजी के द्वार खुलने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत 18 सितंबर से होगी। कोरोना काल में भक्तों को वृंदावन में सबसे पहले ठाकुर श्रीराधादामोदर मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन होंगे।
वृंदावन में सोमवार को विभिन्न मंदिरों से जुड़े सेवायत और प्रबंधकों की बैठक आहूत की गई। बैठक में वर्तमान स्थिति और अधिक मास को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान सेवायतों और मंदिर प्रबंधन ने मंदिरों को खोले जाने की आवश्यकता जताई। इसके आधार पर श्रीराधा दामोदर मंदिर सुबह और शाम दो-दो घंटे के लिए खोले जाने का फैसला लिया गया। मान्यता है कि प्राचीन श्रीराधा दामोदर मंदिर की चार परिक्रमाएं करने से गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा का फल मिलता है। बता दें कि साढ़े चार सौ वर्ष पुराने मंदिर की परिक्रमा करने से उसमें विराजमान गिरिराज शिला की स्वत: परिक्रमा हो जाती है। इसकी एक किलोमीटर से भी कम की चार परिक्रमाएं करने से श्रृद्धालु गिरिराज गोवर्धन की सात कोस (25 किलोमीटर) लंबी परिक्रमा का पुण्य अर्जित कर लेते हैं। संवत 1599 सन् 1543 की माघ शुक्ल दशमी के दिन श्रीरूप गोस्वामी ने राधा दामोदरजी के विग्रहों की स्थापना कर उनकी सेवा का भार जीव गोस्वामी को सौंपा था।