वृंदावन। प्रस्तावित बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर और मंदिर न्यास गठन को लेकर धर्मगुरु देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मंदिरों पर किसी भी प्रकार का सरकारी नियंत्रण नहीं होना चाहिए और इसके स्थान पर सनातन बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए जो स्थानीय धार्मिक परंपराओं के अनुरूप मंदिरों की व्यवस्था को संचालित करे।
गंगोत्री धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बुधवार को अपने संबोधन में ठाकुरजी ने कहा कि वृंदावन का विकास कंक्रीट के गलियारों से नहीं, बल्कि तुलसी, लता-पताओं और वृक्षों के प्राकृतिक साज-सज्जा से होना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को वास्तविक वृंदावन का अनुभव हो।
उन्होंने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर की परंपरागत सेवा-पूजा और आस्था की व्यवस्था में किसी प्रकार का बदलाव स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वृंदावन का सही मायनों में विकास तभी माना जाएगा जब यमुना की धारा स्वच्छ और अविरल बहे। उन्होंने मांस-मदिरा से मुक्त वृंदावन की आवश्यकता पर बल दिया।