जवाहरबाग कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई के बाद उद्यान विभाग ने अपना कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को जिला उद्यान अधिकारी कर्मचारियों के साथ जवाहरबाग पहुंचे और यहां स्थित कार्यालय और जिला उद्यान अधिकारी के आवास का जायजा लिया। गत 16 मार्च को कब्जेधारियों द्वारा उद्यान कर्मियों के साथ की गई मारपीट के बाद यहां कार्यालय बंद हो गया था।
जिला उद्यान अधिकारी मुकेश कुमार ने सोमवार को कर्मचारियों के साथ जवाहरबाग पहुंचकर कार्यालय और अपने आवास का जायजा लिया। आवास आग से पूरी तरह से जल गया है, कार्यालय से कई अलमारियां गायब हैं, पत्रावलियां इधर- उधर बिखरी हुई मिली। कार्यालय को व्यवस्थित कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। साथ ही जवाहरबाग की सफाई का काम भी शुरू करा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि यहां हुए नुकसान के आंकलन के लिए निदेशक उद्यान लखनऊ को टीम भेजने के लिए लिखा गया है। जल्द ही लखनऊ से टीम पहुंचकर कार्यालय और जवाहरबाग में हुए नुकसान का आंकलन करेगी। गत 16 मार्च को कब्जाधारियों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी थी, इसके बाद यहां से कार्यालय शिफ्ट कर लिया गया था। उसके बाद से आज पहली बार जिला उद्यान अधिकारी और कर्मचारियों का कार्यालय में प्रवेश हुआ है।
साढ़े तीन लाख रुपये की बिजली फूंक गए कब्जाधारी
जवाहरबाग पर कब्जा जमाने वाले लोगों साढ़े तीन लाख रुपये की बिजली फूंक दी। अब इसका बिल उद्यान विभाग को भरना होगा। मार्च माह तक बिजली के बिल के रूप में विद्युत वितरण निगम ने उद्यान विभाग पर 2.75 लाख रुपए का बकाया दर्शाया था, जो अब बढ़कर साढ़े तीन लाख रुपये हो गया। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि जवाहर बाग पर कब्जा करने के बाद छह माह तक तो बिजली के बिल का भुगतान विभाग ने किया, लेकिन उनकी उपद्रवियों जैसी गतिविधियां देख विभाग ने बिल का भुगतान नहीं किया था, ताकि बिल जमा न होने पर कनेक्शन कट जाए।